
हर महीने दो चतुर्थी तिथि आती हैं। कृष्ण पक्ष की चतुर्थी को संकष्टी चतुर्थी, जबकि शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि विनायक चतुर्थी कहलाती है। इस वर्ष वैशाख मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को विनायक चतुर्थी का व्रत रखा जाएगा। यह विनायक चतुर्थी 4 मई को बुधवार के दिन पड़ रही है। यह दिन भगवान गणेश को समर्पित है। माना जाता है कि इस दिन विधि-विधान से पूजा पाठ और व्रत करने से भगवान गणेश प्रसन्न होते हैं। वहीं ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विनायक चतुर्थी पर इन उपायों को करने से कर धन-धान्य में वृद्धि और हर मनोकामना के पूर्ण होने की मान्यता है...
1. विनायक चतुर्थी के दिन गणेश जी की मूर्ति या तस्वीर पर लाल सिंदूर लगाएं और साथ ही 21 गुड़ की ढेली और 21 बार 21 दुर्वा की गांठें चढ़ाएं। इसके अलावा मोदक या मोतीचूर के 21 लड्डुओं का भोग लगाना भी बहुत शुभ माना जाता है। इसके बाद गणेश चालीसा का पाठ करें। इससे भगवान गणेश प्रसन्न होकर आपको ज्ञान और ऐश्वर्य का आशीर्वाद देते हैं।
2. भगवान गणेश को शमी के पत्ते बहुत प्रिय हैं। इसलिए सुख-समृद्धि और धन प्राप्ति का आशीर्वाद पाने के लिए विनायक चतुर्थी के दिन भगवान गणेश को पूजा के समय शमी के पत्ते चढ़ाएं। साथ ही शमी का एक-एक पत्ता भगवान भोलेनाथ और शनिदेव को भी अर्पित करें।
3. ज्योतिष शास्त्र के अनुसार विनायक चतुर्थी के अवसर पर पूजा के समय गणेश जी को लाल सिंदूर अर्पित करें और सिंदूर अर्पण के समय इस मंत्र का जाप करें- सिन्दूरं शोभनं रक्तं सौभाग्यं सुखवर्धनम्। शुभदं कामदं चैव सिन्दूरं प्रतिगृह्यताम्॥ ओम गं गणपतये नमः। पूजा के पश्चात स्वयं भी लाल सिंदूर से अपने तिलक करें। माना जाता है कि इससे विघ्नहर्ता प्रसन्न होकर आपके जीवन की सभी कष्टों को दूर करते हैं।
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