धर्म और अध्यात्म

Wedding Muhurt : देव उठनी एकादशी पर इस साल नहीं होगा विवाह, जानिए कब शुरू हो रहा वेडिंग सीजन, नवंबर दिसंबर में कितने शादी मुहूर्त

Wedding Muhurt : देव उठनी एकादशी पर हिंदू धर्म मानने वालों के मांगलिक कार्य शुरू हो जाएंगे, लेकिन विवाह के लिए अभी इंतजार ही करना पड़ेगा। इस साल देवोत्थान एकादशी पर शहनाई नहीं बजेगी। जानिए क्यों और कब से शुरू होगी शादी (marriages start) ...

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Nov 09, 2024
Wedding Muhurt Wedding season: इस वेडिंग सीजन में कब-कब हैं विवाह मुहूर्त

Wedding Muhurt: आमतौर पर देव उठनी एकादशी से सभी मांगलिक कार्य शुरू हो जाते हैं, लेकिन देवोत्थान एकादशी 2024 पर शादी विवाह नहीं होंगे। इसके लिए 13 नवंबर की डेट का इंतजार करना पड़ेगा। 13 नवंबर से शादी विवाह शुरू होने के बाद दिसंबर तक 16 दिन मिलेंगे, जिस दिन शादी विवाह के मुहूर्त हैं। आइये जानते हैं 2024 में नवंबर और दिसंबर के विवाह मुहूर्त कौन-कौन से हैं ..

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नवंबर 2024 में विवाह मुहूर्त (November Vivah Muhurt)

13 नवंबरः दोपहर 1.01 बजे से शाम 4.26 बजे तक और शाम 5.52 बजे से 14 नवंबर को सुबह 2.28 बजे तक रेवती नक्षत्र, त्रयोदशी तिथि
17 नवंबरः सुबह 6.53 बजे से सुबह 10.26 बजे तक रोहिणी नक्षत्र द्वितीया तिथि और सुबह 11.32 बजे से रात 10.59 बजे तक रोहिणी मृगशिरा नक्षत्र द्वितीया तृतीया तिथि। इसके अलावा रात 12.06 बजे से सुबह 6.53 बजे तक मृगशिरा नक्षत्र और तृतीया तिथि में
18 नवंबरः सुबह 6.53 बजे से 7.56 बजे तक मृगशिरा नक्षत्र और तृतीया तिथि
22 नवंबरः रात 12.09 बजे से 23 नवंबर सुबह 6.18 बजे तक मघा नक्षत्र, अष्टमी तिथि
23 नवंबरः सुबह 8.04 बजे से सुबह 11.42 बजे तक मघा नक्षत्र, अष्टमी तिथि
24 नवंबरः रात 10.16 बजे से 25 नवंबर सुबह 6.52 बजे तक उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र और नवमी दशमी तिथि में
25 नवंबरः सुबह 8.13 बजे से 11.39 बजे तक उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र दशमी तिथि को और रात 1.28 बजे से 26 नवंबर सुबह 6.59 बजे तक हस्त नक्षत्र एकादशी तिथि
26 नवंबरः सुबह 6.59 से सुबह 11.22 बजे तक हस्त नक्षत्र एकादशी तिथि और रात 12.43 बजे से सुबह 3.47 बजे तक हस्त नक्षत्र एकादशी तिथि

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दिसंबर 2024 में विवाह मुहूर्त (December Vivah Muhurt)

2 दिसंबरः शाम 5.57 बजे से रात 7.18 बजे तक मूल नक्षत्र, द्वितीया तिथि, रात 7.19 बजे से 3 दिसंबर सुबह 7.04 बजे तक मूल नक्षत्र और द्वितीया नक्षत्र
3 दिसंबरः सुबह 7.04 बजे से दोपहर 3.08 बजे तक मूल नक्षत्र द्वितीया तृतीया तिथि
4 दिसंबरः शाम 5.15 बजे से रात 1.02 बजे तक उत्तरी आषाढ़ नक्षत्र, चतुर्थी तिथि
5 दिसंबरः दोपहर 12.49 बजे से दोपहर 4.26 बजे तक उत्तरी आषाढ़ नक्षत्र, पंचमी तिथि में, शाम 4.27 बजे से शाम 5.26 बजे तक उत्तरी आषाढ़ नक्षत्र और पंचमी तिथि
10 दिसंबरः रात 10.03 बजे से रात 12.39 बजे तक रेवती नक्षत्र दशमी तिथि और रात 2.08 बजे से 3.21 बजे तक रेवती नक्षत्र दशमी तिथि। इसके अलावा सुबह 4.04 से सुबह 7.09 बजे तक रेवती नक्षत्र एकादशी तिथि
11 दिसंबरः सुबह 7.09 बजे से 11.03 बजे तक रेवती नक्षत्र एकादशी तिथि
13 दिसंबरः सुबह 5.48 बजे से सुबह 7.11 बजे तक रोहिणी नक्षत्र और चतुर्दशी तिथि
14 दिसंबरः सुबह 7.11 बजे से शाम 4.58 बजे तक रोहिणी नक्षत्र और चतुर्दशी तिथि

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देव उठनी एकादशी से शुरू होंगे ये मांगलिक कार्य

देव उठनी एकादशी 12 नवंबर से हिंदू धर्म मानने वालों के लिए मुंडन, उपनयन, नामकरण जैसे संस्कारों, गृह प्रवेश आदि पर लगा प्रतिबंध हट जाता है। लेकिन इस साल देव उठनी एकादशी पर शुभ विवाह मुहूर्त नहीं होने से देव उठनी एकादशी पर शादी विवाह नहीं होंगे। अगले दिन 13 नवंबर से विवाह शुरू होंगे।

नोटः श्रीमहादेव गिरि संस्कृत महाविद्यालय देवलचौड़ हल्दवानी के प्राचार्य और ज्योतिषी डॉ. नवीन चंद्र जोशी का कहना है कि विवाह के लिए अच्छे मुहूर्त 18 नवंबर के बाद ही हैं।

डिस्क्लेमरः इस आलेख में दी गई जानकारियां पूर्णतया सत्य हैं या सटीक हैं, इसका www.patrika.com दावा नहीं करता है। इन्हें अपनाने या इसको लेकर किसी नतीजे पर पहुंचने से पहले इस क्षेत्र के किसी विशेषज्ञ से सलाह जरूर लें।

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