हर इंसान जीवन में सुखी रहना और सफल होना चाहता है। लेकिन कई बार व्यक्ति को विभिन्न परेशानियों का सामना करना ही पड़ता है। ऐसे में निराश होने के बजाय जीवन की नकारात्मकता को दूर करने के लिए इन उपायों को आजमाना लाभकारी साबित हो सकता है।
यूं तो हर कोई जीवन में खुशी से रहना और तरक्की हासिल करना चाहता है। परंतु न चाहते हुए भी जीवन में हर मोड़ पर कोई ना कोई अड़चन आ ही जाती है। कभी व्यक्ति शारीरिक और मानसिक रूप से तनाव में आ जाता है, तो कभी व्यापार और आर्थिक समस्याओं से घिर जाता है। वहीं कई बार रिश्तों में कड़वाहट और ग्रह क्लेशों से भी जूझना पड़ सकता है। इन परेशानियों के कारण जीवन में नकारात्मकता बढ़ जाती है और व्यक्ति हताश हो जाता है। लेकिन ज्योतिष शास्त्र में कुछ ऐसे उपाय बताए गए हैं जो आपको इन परेशानियों से मुक्ति दिलाने और जीवन में शुभता बनाए रखने में सहायक माने जाते हैं। तो आइए जानते हैं कौन से उपायों को सुखी जीवन का कारक माना गया है...
सुखी जीवन जीने के लिए करें ये काम
ज्योतिष शास्त्र के अनुसार ध्यान रखें कि घर में भगवान पर चढ़ाए गए फूलों या पुष्प माला के सूख जाने पर उसे वहां से हटाकर किसी बहते हुए पानी में प्रवाहित कर दें।
माना जाता है कि भोजन करते समय आपका मुख हमेशा पूर्व या उत्तर दिशा की तरफ होना चाहिए। साथ ही ध्यान रखें कि राहु के अशुभ प्रभाव से बचने के लिए कभी भी जूते पहनकर भोजन ना करें। संभव हो तो रसोई में बैठकर ही खाना खाएं।
ज्योतिष अनुसार घर के ईशान कोण में किसी भी पवित्र नदी का जल जरूर रखें। यह आपके घर के लिए बहुत शुभ माना जाता है।
आर्थिक समस्याओं से बचने के लिए रविवार के दिन पुष्य नक्षत्र में गूलर के पेड़ की जड़ घर लाकर इसे धूप दीप दिखाएं। इसके बाद इसे अपनी तिजोरी में रख लें। मान्यता है कि इससे आपके जीवन में सदा सुख-समृद्धि बनी रहती है।
ज्योतिष के जानकारों के मुताबिक सुबह उठकर कुल्ला किए बिना किसी भी खाद्य या पेय पदार्थ का सेवन नहीं करना चाहिए। साथ ही बिना स्नान किए या झूठे हाथों से धार्मिक पुस्तकों और ईश्वर की मूर्ति को स्पर्श करना अशुभ माना गया है। मान्यता है कि ऐसा करने से घर के लोगों के धन और मान-सम्मान पर नकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
जीवन में सुख-सौभाग्य बनाए रखने के लिए प्रतिदिन सुबह-शाम घर के मंदिर में दीपक जलाकर भगवान से प्रार्थना करें।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। patrika.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह ले लें।)
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