Astrology: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार हर धातु किसी ना किसी के साथ ग्रह से संबंधित होती है। ऐसे में इन धातुओं से बने आभूषण कुंडली में ग्रहों के शुभ प्रभाव को बढ़ा सकते हैं।
ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक यूं तो हर धातु किसी ना किसी ग्रह से संबंधित होती है परंतु यह आवश्यक नहीं कि हर राशि का जातक किसी भी धातु को धारण कर सकता है। इसी कारण से कुंडली में ग्रहों की स्थिति और उनके शुभ-अशुभ प्रभावों को देखते हुए ही रत्न अथवा धातुओं के आभूषण धारण करने की सलाह दी जाती है। इन्हीं धातुओं में से एक चांदी जिसे एक बहुत ही पवित्र धातु माना गया है, चंद्रमा और शुक्र ग्रह से संबंधित होती है। ज्योतिष के अनुसार चांदी धारण करने वाले जातक के जीवन में सफलताओं की संभावना बढ़ने के साथ ही उसे जीवन की समस्याओं से छुटकारा मिल सकता है। तो आइए जानते हैं चांदी धारण करने से होने वाले फायदों के बारे में...
चांदी के गहने पहनने के फायदे:
1. ज्योतिष के अनुसार एक महिला की कुंडली में शुक्र, बृहस्पति और चंद्र इन तीनों ग्रहों की मजबूत स्थिति बहुत मायने रखती है। ऐसे में माना जाता है कि चांदी धातु के गहने पहनने से महिलाओं के सौभाग्य में वृद्धि होती है।
2. चांदी धातु के आभूषण पहनने से मन और मस्तिष्क के स्वास्थ्य को भी मजबूती मिलती है।
3. शुक्र ग्रह को कुंडली में कला, सौंदर्य और आत्मविश्वास का कारक माना गया है। इसलिए चांदी के गहने पहनने से जातक को इनसे संबंधित फायदे होते हैं। साथ ही चांदी की धातु जातक के शरीर में ऊर्जा का संचार करती है।
4. राहु-केतु दोनों को ज्योतिष शास्त्र में छाया ग्रह माना जाता है। ऐसे में कान में चांदी की बाली पहनने से राहु-केतु ग्रहों के अशुभ प्रभाव को कम किया जा सकता है।
चांदी किस राशि के लोगों को पहननी चाहिए- ज्योतिष शास्त्र के अनुसार चांदी के आभूषण जल तत्व की राशियों यानी कर्क राशि, वृश्चिक राशि और मीन राशि के जातकों के लिए पहनना लाभदायी माने गए हैं।
चांदी किस राशि के लोगों को नहीं पहननी चाहिए- ज्योतिष शास्त्र के मुताबिक मेष राशि, सिंह राशि और धनु राशि के लोगों के लिए चांदी के गहने पहनना शुभ नहीं माना जाता है क्योंकि ये तीनों ही अग्नि तत्व की राशियां हैं।
(डिस्क्लेमर: इस लेख में दी गई सूचनाएं सिर्फ मान्यताओं और जानकारियों पर आधारित है। patrika.com इनकी पुष्टि नहीं करता है। किसी भी जानकारी या मान्यता को अमल में लाने से पहले संबंधित विशेषज्ञ की सलाह लें।)
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