
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार एकादशी व्रत को द्वादशी तिथि पर खोला जाता है। इस दिन व्रत खोलने के नियम का पालन जरूरी है, क्योंकि इसकी अनदेखी से व्रत का पूरा लाभ नहीं मिलता। ऐसे में यह जानना जरूरी है कि व्रत के अगले दिन पारण ये गलतियां न करें।
एकादशी व्रत पारण में मूली, बैंगन, साग, मसूर दाल, लहसुन-प्याज आदि का प्रयोग नहीं करना चाहिए। क्योंकि बैंगन पित्त दोष और उत्तेाजना बढ़ाता है और मसूर की दाल अशुद्ध मानी जाती है। वहीं, मूली की तासीर ठंडी होती है, इसलिए यह व्रत के ठीक बाद सेहत के लिए सही नहीं होती। इसके अलावा लहसुन प्याज तामसिक भोज्य पदार्थ माना जाता है, इसलिए व्रत पारण में इसका प्रयोग नहीं करना चाहिए। क्योंकि इसकी अनदेखी पर उत्तेजना, क्रोध, हिंसा और अशांति की भावना बढ़ती है।