11 फ़रवरी 2026,

बुधवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहते हैं। इस बार निर्जला एकादशी 23 जून 2018 यानी कल है। पूरे देश में मनाई जाने वाली इस एकादशी का अपना एक अलग ही महत्व है। पौराणिक कथाओं में उल्लेख मिलता है कि भीम जो एक शूरवीर योद्धा था ने केवल यही एकादशी करके सारी एकादशियों का फल प्राप्त किया था। निर्जला एकादशी के व्रत में बहुत ही नियम से रहना पड़ता है। जैसा की नाम से ही पता लगता है निर्जला यानि बिना जल के। निर्जला एकादशी में जल का पीना तक मना है। बताया जाता है की इस व्रत में जल पीने से व्रत टूट जाता है। व्रत के पौराणिक नियम अनुसार सूर्योदय से लेकर अगले दिन के सूर्योदय तक जल का त्याग करना होता है।





Latest Hindi News






Top Stories

1

स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के शिविर में यौन शोषण का आरोप, स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दायर

2

Rajasthan Road Accident: बहनों की डोली से पहले उठी भाई की अर्थी, एक साथ हुआ छह दोस्तों का अंतिम संस्कार

3

ICC के फैसले के बाद बांग्लादेश भी होश में आया, नहीं मिली पेनल्टी तो कहा- हम इंडिया के साथ मिलकर…

4

Baba Vanga Prediction: बाबा वेंगा की बड़ी भविष्यवाणी! सोना-चांदी पार करेंगे कीमतों की हर सीमा, 1.60 लाख भी नहीं होगी आखिरी मंजिल

5

50 साल की खोज खत्म, 121 करोड़ की खदान में शुरू होगा सोने का खनन, कटनी बनेगी मध्यप्रदेश की ‘स्वर्ण नगरी’