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ज्येष्ठ मास की शुक्ल पक्ष की एकादशी को निर्जला एकादशी कहते हैं। इस बार निर्जला एकादशी 23 जून 2018 यानी कल है। पूरे देश में मनाई जाने वाली इस एकादशी का अपना एक अलग ही महत्व है। पौराणिक कथाओं में उल्लेख मिलता है कि भीम जो एक शूरवीर योद्धा था ने केवल यही एकादशी करके सारी एकादशियों का फल प्राप्त किया था। निर्जला एकादशी के व्रत में बहुत ही नियम से रहना पड़ता है। जैसा की नाम से ही पता लगता है निर्जला यानि बिना जल के। निर्जला एकादशी में जल का पीना तक मना है। बताया जाता है की इस व्रत में जल पीने से व्रत टूट जाता है। व्रत के पौराणिक नियम अनुसार सूर्योदय से लेकर अगले दिन के सूर्योदय तक जल का त्याग करना होता है।





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