धर्म

Diwali 2026 : घर में कहां करें लक्ष्मीजी की पूजा, जानिए दिवाली की संपूर्ण पूजन विधि और पूजन सामग्री

Diwali 2026 : दिवाली के दिन पूजा से लक्ष्मीजी प्रसन्न होती हैं, धन-धान्य का करती हैं इजाफा, श्रीसूक्त के पाठ का विशेष महत्व
2 min read
• •
Updated: 8 Nov 2026, 8:26 AM IST
माता लक्ष्मी की पूजा
माता लक्ष्मी और गणेश जी (photo Patrika)

Diwali 2026 : दीपोत्सव पर धनतेरस से देशभर में त्योहारों की रौनक छाई हुई है। आज मुख्य पर्व दिवाली मनाई जाएगी। लक्ष्मी पूजन के बाद स्नान-दान अमावस्या, अन्नकूट और भाईदूज पर्व का उल्लास रहेगा। रविवार को आज घर-घर में माता लक्ष्मी की पूजा की जाएगी। ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि लक्ष्मीजी की पूजा पूरे विधि विधान से करना चाहिए। उन्हें बिल्व पत्र व कमल का फूल अर्पित करना चाहिए। दिवाली के दिन श्रीयंत्र की पूजा करने और श्रीसूक्त के पाठ का विशेष महत्व माना जाता है। इससे लक्ष्मीजी प्रसन्न होती हैं और उनके आशीर्वाद से घर में धन-धान्य का इजाफा होता है।

घर में कहां करें पूजन

दिवाली पर विशेष दिशा या कोण में लक्ष्मी पूजन करना शुभ फलदायक माना गया है। इससे त्वरित परिणाम मिलते हैं, लाभ में बढ़ोत्तरी होती है। पं. जगदीश शर्मा के अनुसार दिवाली पर घर के ईशान कोण यानी उत्तर-पूर्व दिशा में लक्ष्मीजी की पूजा करना सबसे अच्छा होता है। यह दिशा सर्वाधिक सकारात्मक होती है। घर के ईशान कोण में स्वच्छ स्थान पर लक्ष्मी पूजन की व्यवस्था करनी चाहिए।

ऐसे करें तैयारी

पूजा स्थल पर आटे से अष्टदल कमल बनाकर चौकी पर लाल या पीला वस्त्र बिछाएं और मां महालक्ष्मी की प्रतिमा अथवा चित्र स्थापित करें। माता के दाईं ओर भगवान गणेश की प्रतिमा और सुपारी रखें।

पूजन सामग्री और पूजा विधि

पूजन में चंदन, रोली, अबीर, गुलाल, सिंदूर, हल्दी, अक्षत, धान की लाई, धनिया, कमलगट्टा और पुष्प अर्पित करें। 16 दीप प्रज्ज्वलित कर बहीखाता, सोने-चांदी के सिक्के, कलम-दवात और मुद्राएं भी पूजन में रखें। मिठाई, बताशे, मौसमी फल और विभिन्न व्यंजनों का भोग लगाएं। इसके बाद गणेश, गौरी और अष्टलक्ष्मी का पूजन कर मां महालक्ष्मी की आरती और परिक्रमा करें।

दुकानों, प्रतिष्ठानों, कार्यालयों में भी विधिपूर्वक करनी चाहिए लक्ष्मीजी की पूजा

घर के साथ ही दिवाली के दिन दुकानों, प्रतिष्ठानों, कार्यालयों में भी विधिपूर्वक लक्ष्मीजी की पूजा करनी चाहिए। मां लक्ष्मी के आशीर्वाद से हमारी जीवनचर्या के लिए धन इन्हीं जगहों से प्राप्त होता है। यहां भी पूजन विधि और पूजन सामग्री उपरोक्तानुसार ही रखनी चाहिए। संभव हो तो हर साल दिवाली पर दुकानों, प्रतिष्ठानों पर नए कलश स्थापित करें, पुराना किसी जरूरतमंद या मंदिर में दान कर दें।

Updated on:
8 Nov 2026, 8:26 AM IST
Published on: