ज्योतिष शास्त्र: ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ ऐसे रत्न भी हैं जिन्हें आपको कभी एक साथ धारण नहीं करना चाहिए। वरना आपको फायदे की जगह नुकसान झेलने पड़ सकते हैं...
ज्योतिष शास्त्र में रत्नों का एक खास महत्व बताया गया है। रत्न धारण करने पर हमारे ग्रहों को संतुलित करने में मदद मिलती है। वहीं हर ग्रह का एक अलग रत्न भी होता है। रत्न हमेशा आपको अपनी कुंडली और ग्रह के अनुसार ही किसी ज्योतिष/विद्वान की सलाह से ही धारण करना चाहिए। इसके अलावा ज्योतिष शास्त्र के अनुसार कुछ ऐसे रत्न भी हैं जिन्हें आपको कभी एक साथ धारण नहीं करना चाहिए। वरना आपको फायदे की जगह नुकसान झेलने पड़ सकते हैं...
1. पन्ना रत्न के साथ मूंगा, पुखराज और मोती न पहनें
पन्ना रत्न बुध ग्रह से सम्बन्धित होता है। इसे धारण करने से कुंडली में बुध ग्रह की स्थिति बेहतर होती है। इसलिए ज्योतिष शास्त्र के अनुसार जिन लोगों ने पहले से पन्ना रत्न धारण किया हुआ है उन लोगों को पन्ना के साथ कभी मूंगा, पुखराज और मोती रत्न नहीं धारण करने चाहिएं। अन्यथा आपको पैसों की किल्लत का सामना करना पड़ सकता है।
2. नीलम के साथ पुखराज रत्न न पहनें
नीलम शनि ग्रह से संबंधित रत्न है। इसलिए अगर आपने नीलम धारण किया हुआ है तो आपको उसके साथ कभी पुखराज रत्न नहीं पहनना चाहिए। क्योंकि ऐसा करने से आपके जीवन पर विपरित प्रभाव पड़ सकता है।
3. मोती के साथ पन्ना, हीरा, नीलम और गोमेद रत्न न पहनें
चन्द्रमा के नकारात्मक प्रभाव को कम करने के लिए मोती धारण किया जाता है। ऐसे में मोती धारण करने वाले लोगों को इसके साथ पन्ना, हीरा, नीलम और गोमेद रत्न धारण नहीं करना चाहिए। क्योंकि ज्योतिष शास्त्र कहता है कि मोती के साथ पन्ना, हीरा, नीलम और गोमेद रत्न पहनने से आपके मानसिक स्वास्थ्य पर गलत असर पड़ सकता है जिससे आपको तनाव जैसी स्थिति का सामना करना पड़ सकता है।