धर्म

Ravi Pradosh Vrat: सिद्धि योग में होगी रवि प्रदोष पूजा, जानिए क्या होगा इसका फल

चैत्र माह का रवि प्रदोष व्रत (Ravi Pradosh Vrat) बेहद खास है। इस दिन कई विशेष योग बन रहे हैं, जिसमें किए जाने वाले सभी कार्य पूर्ण होते हैं और भगवान की पूजा अर्चना विशिष्ट फल देने वाली होती है। इसमें सबसे खास यह है कि प्रदोषकाल में भगवान शिव की पूजा के समय सिद्धि योग बन रहा है, जिससे यह व्रत पूजा विशेष फल देने वाली बन गई है (Ravi Pradosh Puja in Siddhi Yoga)।
2 min read
Mar 18, 2023
pradosh_vrat_ke_din_shubh_yog.jpg
रवि प्रदोष व्रत मुहूर्त

रवि प्रदोष व्रत मुहूर्तः पंचांग के अनुसार त्रयोदशी तिथि की शुरुआत 19 मार्च को सुबह 8.07 बजे से हो रही है और यह अगले दिन 20 मार्च को 4.55 बजे संपन्न होगी। लेकिन भगवान शिव की पूजा प्रदोष काल (सूर्यास्त से 45 मिनट पहले और 45 मिनट बाद के समय के बीच) में 19 मार्च को ही मिलने से इसी दिन रविवार को प्रदोष व्रत रखा जाएगा। 19 मार्च को प्रदोष व्रत पूजा का मुहूर्त शाम 6.31 बजे से रात 8.54 बजे के बीच की जाएगी।

रवि प्रदोष व्रत के दिन तीन शुभ योग बन रहे हैं। ये योग सिद्धि योग, साध्य योग और द्विपुष्कर योग हैं। सिद्धि योग इस दिन सुबह से लेकर रात 8.07 बजे तक है। यह योग अधिकांश कार्यों के लिए शुभ समय माना जाता है। इसके बाद से साध्य योग प्रारंभ हो जाएगा। यह बीस मार्च को शाम 4.21 बजे तक रहेगा। इसके अलावा इस दिन द्विपुष्कर योग सुबह 6 बजकर 27 मिनट से लेकर 8.07 बजे तक है।

सिद्ध योग का फलः रवि प्रदोष व्रत बेहद खास है। इस दिन कई शुभ योग बन रहे हैं। इसमें सिद्धि योग, साध्य योग और द्विपुष्कर योग हैं। वहीं प्रदोष काल में भगवान शिव की पूजा सिद्ध योग में होगी, जो उत्तम फल देगी। इस योग में शिवपूजा सभी मनोकामनाओं की पूर्ति करने वाली होगी। इस योग में मकान दुकान खरीदना या ऑफिस का उद्घाटन करना, वाहन खरीदना, क्रय विक्रय, मकान की रजिस्ट्री, सगाई, रोका सभी शुभ कार्य किए जा सकते हैं और इसके बेहद शुभ परिणाम मिलते हैं। हालांकि इस योग में विवाह, यात्रा, गृह प्रवेश नहीं किया जाता।

इसके अलावा प्रदोष के दिन बन रहे अन्य शुभ मुहूर्त


अभिजीत मुहूर्तः 12.04 पीएम से 12.53 पीएम
अमृतकाल मुहूर्तः 12.43 पीएम से 2.09 पीएम


विजय मुहूर्तः 2.29 पीएम से 3.18 पीएम
निशिता मुहूर्तः 20 मार्च 12.04 एएम से 12.52 एएम

Published on:
18 Mar 2023 04:05 pm