धर्म

Sawan 2020: कोरोना का सावन पर असर-घर में ही पूजा कर ऐसे पाएं भगवान शंकर का आशीर्वाद

भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए...

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Jul 06, 2020
savan puja at home in corona time

कोरोना काल के बीच सावन का पावन महीना आज से शुरू हो रहा है। भगवान शिव को अत्यंत प्रिय होने के चलते इस मास के दौरान हर कोई शिव जी की अराधना में लीन दिखाई देता है।

लेकिन इस बार कोरोना महामारी के चलते इस बार भगवान शिव की मंदिरों में हर भक्त द्वारा पूजा करने की संभावना बहुत कम है। ऐसे में कई लोग तो घर में ही भगवान शिव जी की पूजा की तैयारियां करने में जुट गए हैं। किंतु पंडित सुनील शर्मा के अनुसार कुछ ऐसे भी लोग हैं जो बिल्कुल इस बारे में नहीं जानते हैं कि सावन माह में घर में कैसे शिव जी पूजा की जा सकती है। ऐसे में आज हम आपको बता रहे हैं कि इस सावन आप कैसे घर पर ही पूजा कर भोलेनाथ की कृपा पा सकते हैं...

पंडित शर्मा के अनुसार ये तो तकरीबन सभी जानते हैं कि सावन के इस पावन माह में शिव भक्त भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए उनका अनेक प्रकार से जलाभिषेक करते हैं। इसके लिए वे कंवडियों के रूप में देशभर की गंगा सहित अन्य पावन नदियों से जल भरकर लाते हैं और पूरे श्रद्धा भाव से शिव जी अर्पित करते हैं।

लेकिन वहीं इस बार कोरोना के चलते आप अपने घर पर बैठे ही शिव जी के-लिंग रूप जिसका अर्थ निराकार हैं, की पूजा करना चाहते हैं या करने को मजबूर हैं, तो ऐसा होना भी संभव है। जी हां, धार्मिक शास्त्रों के साथ-साथ वास्तु शास्त्र में भी कुछ ऐसे शिवलिंग का जिक्र है जिनकी पूजा से आपको देवों को देव महादेव की कृपा तो प्राप्त होगी साथ ही जीवन से वास्तु दोष भी दूर हो जाएंगे।

मान्यता के अनुसार सावन मास में मिट्टी, जल, भस्म, चन्दन, शहद इत्यादि आदि से बना पार्थिव शिवलिंग बहुत शुभ माना जाता है। कहा जाता है सावन के महीने में इन शिवलिंग की आराधना से अकाल मृत्यु का भय खत्म हो जाता हैं।

वहीं इसके अलावा आप सावन के माह पारद शिवलिंग की पूजा भी घर में इसे लाकर कर सकते हैं। इस शिवलिंग के संबंध में मान्यता है कि जो पुण्यकाल 12 ज्योतिर्लिंग के पूजन प्राप्त होता है, वही पुण्य पारद शिवलिंग के दर्शन मात्र से होता है। इसके अलावा यह भी माना जाता है कि इसके पूजन से संतानहीन दंपति को संतान की प्राप्ति होती है।

इसके अलावा प्रचलित कथाओं के अनुसार भगवान शिव के एक प्रकार के शिवलिंग का नाम नर्मदा नदी से पड़ा है, इसे नर्मेदश्वर शिवलिंग कहा जाता है। मान्यता है कि नर्मेदश्वर के आशीर्वाद से यम का भय भी नहीं रहता। वहीं इस शिवलिंग को घर में लाकर भी पूजा जा सकता है।

इसके अलावा स्फटिक शिवलिंग की भी घर पर लाकर पूजा-अर्चना की जा सकती है, मान्यता है कि इस शिवलिग की पूजा करने से घर के कलह-कलेश खत्म होते हैं। ऐसा माना जाता है कि स्फटिक शिवलिंग की पूजा से घर की सुख-शांति बरकरार रहती हैं साथ भी सभी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

Published on:
06 Jul 2020 02:36 pm
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