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अविमुक्तेश्वरानंद ने कहा: “ब्राह्मणों की चोटी पकड़ के घसीटा”, उधर रामभद्राचार्य के सख्त बोल: “शंकराचार्य के साथ जो हुआ सही हुआ”

Avimukteshwaranand Controversy: शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद में अब स्वामी रामभद्राचार्य की भी एंट्री हो गई है। विस्तार से पढ़िए, जगद्गुरु शंकराचार्य ने इस विवाद पर क्या कुछ कहा?

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Jan 25, 2026
Shankracharya Swami Avimukteshwaranand Controversy Update: शंकराचार्य विवाद में रामभद्राचार्य की एंट्री।

Avimukteshwaranand Controversy : शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद अब गरमाता जा रहा है। मामले में अब अपने सख्त बयानों के लिए पहचाने जाने वाले स्वामी रामभद्राचार्य की भी एंट्री हो गई है। उन्होंने शंकराचार्य पर निशाना साधते हुए कहा, अन्याय उनके साथ नहीं हुआ, उन्होंने अन्याय किया है। उनके साथ जो हुआ, सही हुआ। बता दें कि अविमुक्तेश्वरानंद ने प्रशासन पर ब्राह्मणों की चोटी पकड़ के घसीटाने के गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि, ऐसा करना गोहत्या के बराबर पाप होता है। अब विस्तार से समझते हैं, रामभद्राचार्य जी ने क्या कहा।

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"अविमुक्तेश्वरानंद ने अन्याय किया"

रामभद्राचार्य जी ने मीडिया के सवालों का जवाब देते हुए कहा, "नियम ये है कि गंगा तक रथ से नहीं जाया जाता। जब पुलिस ने उनको रोका था, कि आप मत जाइए...हम लोग खुद संगम में पैदल जाते हैं। तो अन्याय शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने किया था, उनके साथ अन्याय नहीं हुआ।"

अविमुक्तेश्वरानंद को नोटिस देकर सही किया: रामभद्राचार्य

रामभद्राचार्य जी यहीं नहीं थमे। उन्होंने सख्त लहजे में कहा, सरकार ने शंकराचार्य के साथ बिल्कुल ठीक किया। उन्हें नोटिस देना उचित है। सुप्रीम कोर्ट वाले सवाल पर बोले, सुप्रीम कोर्ट ने शंकराचार्य को बनाया ही नहीं।

जब पत्रकारों ने स्वामी रामभद्राचार्य से पूछा, इस पूरे विवाद को आप किस तरह देखते हैं, तो रामभद्राचार्य जी "अच्छा है" कहकर चल दिए।

शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद विवाद क्या है? | Shankracharya Swami Avimukteshwaranand Controversy

यह विवाद 18 जनवरी को मौनी अमावस्या के दिन तब शुरु हुआ, जब शंकराचार्य स्वमी अविमुक्तेश्वरानंद जी पालकी से स्नान करने के लिए जा रहे थे। इसी दौरान, पुलिस ने उन्हें स्नान करने से रोक दिया। तभी से स्वामी जी उनके शिष्यों के साथ शिविर के बाहर धरने पर बैठे हैं। अब सरकार, प्रशासन और शंकराचार्य जी में ठनी हुई है। विवाद थमने की बजाय, शंकराचार्य के शिविर में घुसकर नारेबाजी और प्रशासन के दो नोटिसों के बाद से और बढ़ गया है। इसी बीच, ज्यादातर लोग सोशल मीडिया पर अविमुक्तेश्वरानंद के सपोर्ट और शासन-प्रशासन के विरोध में पोस्ट और कॉमेंट्स कर रहे हैं। हालांकि, कुछ यूजर्स शंकराचार्य के खिलाफ भी लिख रहे हैं।

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Updated on:
26 Jan 2026 11:01 am
Published on:
25 Jan 2026 07:17 pm
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