
Vastu Shastra: हर मां-बाप की ख्वाहिश होती है कि उनका बच्चा जीवन में सफलता हासिल करके अपना और अपने परिवार का नाम रोशन करे। मां-बाप भी बच्चों की करियर को बनाने के लिए अपनी तरफ से खूब मेहनत करते हैं। लेकिन कई बार मां-बाप और बच्चे के प्रयासों के बावजूद भी सकारात्मक परिणाम नहीं मिल पाते हैं। ऐसे में वास्तु के अनुसार बच्चों के आसपास मौजूद नकारात्मक ऊर्जा भी उनकी सफलता के रास्ते में रोड़ा बनती है। तो आइए जानते हैं वास्तु के नियमों के आधार पर बच्चों का कमरा कैसा होना चाहिए...
1. बच्चों के दिमाग को तेज करने और वे करियर में सफलता हासिल करें, इसके लिए वास्तु के अनुसार बच्चों के कमरे में उत्तर दिशा की दीवार पर लहलाती फसलों की पेंटिंग या चित्र लगाना लाभदायी माना जाता है।
2. वास्तु शास्त्र के अनुसार घर की उत्तर दिशा में मिट्टी के बर्तन या मिट्टी से बनी कोई भी चीज रखने से बच्चों के कैरियर पर बुरा असर पड़ सकता है। क्योंकि उत्तर दिशा का संबंध पानी से होता है और मिट्टी के बर्तन इस दिशा में रखने से जल तत्व कमजोर हो जाता है।
3. शिक्षा और करियर में उन्नति के लिए घर में बच्चों का कमरा बनवाने की आदर्श दिशा पूर्व या उत्तर-पूर्व मानी गई है। क्योंकि इन दिशाओं को शांति की दशा माना जाता है जिससे जीवन में सकारात्मक ऊर्जा प्रसारित होती है। साथ ही ध्यान रखें कि बच्चों के कमरे में उचित खिड़कियां हों जिनसे हवा और सूर्य का प्रकाश आए।
4. बच्चों की स्टडी टेबल पर तांबे का पिरामिड या ग्लोब रखने से उनका पढ़ाई में मन लगता है और वह अपने कार्यों में अच्छा प्रदर्शन कर पाते हैं।
5. वास्तु शास्त्र के अनुसार जीवन में रंगों का भी एक खास महत्व होता है। इसलिए बच्चों के कमरे का रंग हल्का पीला, हल्का हरा या गुलाबी रखना चाहिए। इससे बुद्धि बेहतर होने के साथ ही बच्चों की स्मरण शक्ति और स्फूर्ति में भी वृद्धि होती है।
6. बच्चों की स्टडी टेबल की दक्षिण-पूर्व दिशा में टेबल लैंप रखना लाभदायक होता है। इससे बच्चे पढ़ाई पर अच्छा फोकस कर पाते हैं। साथ ही वास्तु अनुसार पढ़ने वाली मेज रखने की सबसे सही जगह उत्तर मानी गई है।
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