धर्म

लक्ष्मीजी के धरती पर आने का दिन, जानें रात को कब रहेगा निशीथ काल

Sharad Purnima : शरद पूर्णिमा को कोजागरी पूर्णिमा और रास पूर्णिमा भी कहा जाता है, मध्यरात्रि में धरती पर आती हैं मां लक्ष्मी
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Updated: 25 Oct 2026, 1:29 PM IST
लक्ष्मीजी
laxmi mata लक्ष्मीजी- image AI Grok

Sharad Purnima : देशभर में आज शरद पूर्णिमा मनाई जा रही है। इसे कोजागरी पूर्णिमा और रास पूर्णिमा भी कहा जाता है। पौराणिक मान्यता के अनुसार, समुद्र मंथन के दौरान शरद पूर्णिमा के दिन ही मां लक्ष्मी का प्रादुर्भाव हुआ था। मान्यता है कि इस रात्रि मां लक्ष्मी पृथ्वी पर भ्रमण करती हैं और यह देखती हैं कि कौन जाग रहा है। 'को जागर्ति' यानी 'कौन जाग रहा है' से ही इसे कोजागरी पूर्णिमा भी कहा जाता है। इस दिन मां लक्ष्मी की निशीथ काल में पूजा बहुत फलदायी होती है।

शरद पूर्णिमा पर निशीथ काल में मां लक्ष्मी की पूजा सबसे श्रेष्ठ मानी जाती है। यह रात्रि का मध्य भाग होता है। धर्माचार्यों के अनुसार शरद पूर्णिमा 2026 का निशीथ काल मानक समय के अनुसार 25 अक्टूबर रविवार की रात 11:39 बजे प्रारंभ होगा। यह रात 12:31 बजे तक रहेगा। इस अवधि में देवी लक्ष्मी की पूजा अर्चना जरूर करना चाहिए। इससे उनकी विशेष कृपा प्राप्त होती है। लक्ष्मीजी के आशीर्वाद से सुख-समृद्धि में इजाफा होता है।

ज्योतिषाचार्य पंडित सोमेश परसाई बताते हैं कि शरद पूर्णिमा पर गोधूलि बेला में धार्मिक अनुष्ठान करना चाहिए। शाम को श्री सत्यनारायण भगवान की पूजा-अर्चना करने से पुण्य की प्राप्ति होती है। इसे मां महालक्ष्मी के प्राकट्य दिवस माना जाता है। इसलिए श्री सूक्त और कनकधारा स्तोत्र के पाठ करने चाहिए। मां लक्ष्मी के मंत्रों का जप करना भी फलदायी माना गया है।

रात को चंद्रमा की चांदनी में खीर रख दें

श्रद्धा और भक्ति भाव के साथ लक्ष्मी पूजन करना चाहिए। रात को चंद्रमा की चांदनी में खीर रख दें जिसे सुबह भोग के रूप में सेवन करें। पूर्णिमा तिथि 26 अक्तूबर को सुबह 9:41 बजे तक रहेगी।

ब्रज क्षेत्रीय मान्यता के अनुसार, आश्विन माह की पूर्णिमा को रास पूर्णिमा भी कहते हैं। मान्यता है कि शरद पूर्णिमा की रात भगवान श्रीकृष्ण ने गोपियों के साथ महारास रचाया था। इसलिए इसे रास पूर्णिमा के रूप में भी मनाया जाता है।

लक्ष्मीजी की पूजा से शुक्र भी प्रबल

लक्ष्मीजी की पूजा से शुक्र भी प्रबल होता है। इसके बीज मंत्र का पाठ भी लाभकारी होता है। आज के दिन शुक्र से संबंधित सामग्रियों जैसे चावल, दूध, श्वेत वस्त्र, चांदी आदि का दान करना चाहिए। हीरा धारण करने से भी शुक्र बलवान बनता है।

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25 Oct 2026, 1:29 PM IST
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