
रीवा. सिरमौर-सेमरिया के बीच लगभग 44 मिनट तक सोलह किमी सड़क पर सीएम हिचकोले खाते रहे। उनका रथ धूल के गुबार में खो गया। वाहनों की चलने से उड़ रही सड़क की धूल ने यह बता दिया कि मुख्यमंत्री जी अभी भी रीवा ग्रामीण की सड़कें चलने लायक नहीं हैं। लिंक रोडों को जोडऩे की जरूरत है। सिरमौर से 2.45 बजे रथ पर सवार हो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान जब पत्नी के साथ सेमरिया के लिए रवाना हुए तो उनको सड़क की धूल से दो-चार होना पड़ा।
मुख्यमंत्री का रथ 2.45 बजे सिरमौर से सेमरिया की ओर बढ़ा। कुछ दूर चलने के बाद बेरौला पहुंचे। यहां से लेकर सेमरिया तक सड़क पर गिट्यिां उखड़ी रही। जगह-जगह गड्ढे का मिट्टी से पाटा गया था। सीएम का रथ नहर के पास से चचाई चौकी की ओर मुड़ा। चचाई गांव में 3.25 बजे कार्यकर्ताओं को रथ से ही संबोधित किया। सेमरिया के पहले गोदहा मोड़ पर 3.44 बजे पहुंचे। सीएम का रथ सिरमौर सेमरिया मार्ग पर 44 मिनट तक करीब सोलह किमी हिचकोले खाते रहे।
टैंकर से डाला सड़क पर पानी
सड़क इतनी खराब थी कि कुछ जगहों पर टैंकर से पानी डाला जा रहा था। बरौ से लेकर गोदहा मोड़ तक यात्रा के दौरान धूल के गुबार और सड़क पर बिखरी गिट्टी वाली सड़क पर सीएम हिचकोले खाते रहे। चचाई में लंबे समय से निर्माणाधीन अधूरे पुल पर भी सीएम भी की नजर पड़ी। इस दौरान वाहनों की लंबी कतार धूल के गुबार में गुम रही। यात्रा के दौरान पूरी गाडिय़ों पर धूल की लेयर जम गई। सड़क खराब होने के कारण सीएम के रथ के पीछे आ रहे कई वाहन आपस में टकरा गए।