रीवा

लीवर फेलियर से जूझ रही 5 साल की मासूम का AIIMS में इलाज शुरु, एयरलिफ्ट कर पहुंचाया गया भोपाल

AIIMS Bhopal : लीवर फेलियर की समस्या से जूझ रही बच्ची को संजय गांधी अस्पताल से इलाज के लिए भोपाल रेफर किया गया है। एम्स में बच्ची का इलाज किया जाएगा।
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Dec 25, 2025
AIIMS Bhopal
लीवर फेलियर से जूझ रही बच्ची का AIIMS में इलाज शुरु (Photo Source- Patrika)

AIIMS Bhopal :मध्य प्रदेश के रीवा में लीवर फेलियर की समस्या से जूझ रही पांच साल की मासूम बच्ची को एयर लिफ्ट कर भोपाल रेफर किया गया है। उसका अब भोपाल एम्स में इलाज शुरु हो गया है। प्रधानमंत्री एयर एंबुलेंस योजना के तहत बच्ची को नि:शुल्क उपचार के लिए भोपाल पहुंचाया गया है।

मऊगंज जिले की रोहित दुबे की पांच साल की पुत्री अन्वी दुबे का लीवर फेल हो गया था। उसको गंभीर अवस्था में 5 दिन से संजय गांधी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उसका लीवर काम नहीं कर रहा था। संजय गांधी अस्पताल में बच्ची का लीवर फेल होने की जानकारी परिजन को हुई। चिकित्सकों ने बच्ची का हर संभव इलाज करने का प्रयास किया, लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हो रहा था। उसे उपचार के लिए भोपाल रेफर करना था, जिसपर अस्पताल प्रबंधन ने प्रधानमंत्री एम्बुलेंस योजना का लाभ दिलाया।

बच्ची को दिलाया गया एयर एम्बुलेंस सुविधा का लाभ

लीवर फेलियर से जूझ रही बच्ची का AIIMS में इलाज शुरु (Photo Source- Patrika)

भोपाल से एयर एम्बुलेंस रीवा पहुंची। अस्पताल प्रबंधन ने बच्ची को चिकित्सकों की निगरानी में एम्बुलेंस से एयरपोर्ट पहुंचाया, जहां से भोपाल एयर लिफ्ट किया गया है। भोपाल एम्स में बच्ची को वेंटीलेटर पर रखकर इलाज किया जा रहा है। उक्त परिवार के पास आयुष्मान कार्ड नहीं था, लेकिन बच्चों की करीब 20 बीमारियों को उक्त योजना में शामिल किया गया है, जिसके तहत बच्ची को एयर एम्बुलेंस सुविधा का लाभ दिलाया गया है।

15 दिन से था पीलिया, 5 दिन पूर्व खराब हुई हालत

बच्ची को 15 दिन पूर्व पीलिया हुआ था जिसका परिजनों ने मऊगंज में ही प्राइवेट चिकित्सकों से उपचार करवाया था लेकिन उसकी हालत में सुधार नहीं हुआ। समय पर पीलिया का सही उपचार नहीं मिलने से उसका लीवर फेल हो गया। पांच दिन पहले बच्ची अचानक गिर गई जिस पर उसको परिजनों ने शहर के प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया था लेकिन चिकित्सकों ने उसे संजय गांधी अस्पताल भेज दिया।

परिवार के पास नहीं आय के साधन

बच्ची के पिता खेती करते हैं। बच्ची के दादा फौज से रिटायर हैं। पूरा परिवार खेती पर आश्रित है। परिवार ने अभी तक बच्ची के इलाज में करीब एक लाख रुपए खर्च किए हैं। कई दिन तक मऊगंज में प्राइवेट चिकित्सकों से इलाज कराया लेकिन हालत सुधरने के बजाय गंभीर हो गई।

भोपाल AIIMS में इलाज जारी

अस्पताल अधीक्षक डा. राहुल मिश्रा का कहना है कि, बच्ची को पांच दिन पहले उपचार के लिए संजय गांधी अस्पताल लाया गया था जिसका लीवर फेल था। उसे प्रधानमंत्री एम्बुलेंस सेवा के तहत भोपाल एम्स के लिए एयर लिफ्ट किया गया है। बच्ची सुरक्षित भोपाल पहुंच गई है, जिसका एम्स अस्पताल में इलाज शुरू हो गया है।

Updated on:
25 Dec 2025 08:20 am
Published on:
25 Dec 2025 08:20 am