रीवा में 25 बैंक की 157 शाखाएं एक में भी नहीं हैं मेटल डिटेक्टर
रीवा. सुरक्षा को लेकर बैक प्रबंधन की ऐसी लापरवाही है कि जिले में 500 करोड़ का कारोबार करने वाले 25 बैंकों की 157 शाखाओं में किसी में भी मेटल डिटेक्टर जैसी सुविधा उपलब्ध नहीं है। जिससे बैंक के अंदर हथियार लेकर जाने वालों को गेट पर ही रोका जा सके। बैंक प्रबंधन की इस लापरवाही के कारण बड़े आराम से बैंकों में हथियार लेकर आरोपी घुस जाते हैं और घटनाओं को अंजाम दे रहे है। इसके बावजूद बैंक प्रबंधन का लापरवाही रवैया बरकरार है।
जिले के बैंक में सिर्फ मुख्य शाखाओं में बड़ी संख्या में लोग लेने-देन के लिए जाते है लेकिन इनकी सुरक्षा को लेकर बैंक बेपरवाह हैं। स्थिति यह है कि 70 फीसदी बैंकों में सुरक्षा गार्ड नहीं है। मैटल डिटेक्टर की बात तो दूर की रही है। जबकि इस इस संबंध लगातार पुलिस अधिकारियों व बैैंक प्रबंधन के बीच बैठकों में कई बार सुरक्षा को लेकर सीसीटीवी व सुरक्षाकमिर्यों की तैनाती की बात कही गई, लेकिन बैंकर्स ने इस पर ध्यान नहीं दिया है। हालाकि बैकों ने सीसीटीवी कैमरा लगाए है, लेकिन व सुरक्षा की दृष्टि से पर्याप्त नहीं है।
दरवाजे में ही हो जाएंगे सतर्क
बैंक के दरवाजों में मेटल डिटेक्टर लगाने से कोई भी व्यक्ति हथियार लेकर जैसे ही प्रवेश करेगा तो मेटल डिटेक्टर एक्टिव हो जाएगा। ऐसे में बैंक कर्मचारी व अन्य लोग सतर्क हो जाएंगे। वहीं बैंक कर्मचारी अलर्म बजाकर मदद मांग सकेंगे। इतना नहीं इन्हे दरवाजे पर ही रोका जा सकेगा। लेकिन इन सुरक्षा उपरकरण को लेकर बैंक प्रबंधन लापरवाह बना हुआ है।
घटनाओं से नहीं ली सीख
बैंक में लगातार हथियार बंद बदमाशों ने तीन से अधिक घटनाओं को अंजाम दिया। इसके बावजूद बैंक ने इन घटनाओं को ध्यान में रखते हुए सुरक्षा के कोई इंतजाम नहीं किए हैं। स्थिति यह है कि 70 फीसदी बैंकों में सुरक्षा गार्ड नहीं है। मैटल डिटेक्टर की बात तो दूर की रही है। यहां तक बैंक एटीएम भी असुरिक्षत हंै।