रीवा

‘शिव’ के राज में फिर क्रांति पर ‘अन्नदाता’

राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने किया ऐलान, 15 अगस्त से निकलेगी अधिकार यात्रा, अमरकंटक से होगी शुरुआत

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Jul 10, 2018
Annadata adhikar yatra in the State from August 15

रीवा। किसानों की समस्याओं और उनकी मांगों को लेकर एक बार फिर राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ ने सरकार की नीतियों के खिलाफ मोर्चा खोलने की तैयारी में है। आगामी 15 अगस्त से प्रदेश में अन्नदाता अधिकार यात्रा निकालने का ऐलान कर दिया है।
मार्ग सर्वेक्षण के लिए रीवा पहुंचे राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के युवा इकाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल राज ने क हा कि अन्नदाता अधिकारी यात्रा 15 अगस्त से अमरकंटक से शुरू होगी। जिसका समापन भोपाल में होगा। यह यात्रा प्रदेश के सभी जिलों और ब्लॉकों से गुजरेगी। यात्रा में करीब साढ़े तीन सौ किसान साथ चलेंगे। 50 ट्रैक्टर और 100 ट्रॉली साथ होंगे। एक ट्रैक्टर में दो ट्रॉली होंगे। एक में किसान और दूसरी ट्रॉली में खानपान और ठहरने की सामग्री होगी। सरकार की नीतियों को उजागर करती होर्डिंग्स बैनर भी यात्रा में मौजूद रहेंगे। जिनके जरिए किसानों पर हो रहे अत्याचार की जानकारी जन-जन के बीच पहुंचाई जाएगी। अन्नदाता अधिकार यात्रा की अगुवाई राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिव कुमार कक्काजी करेंगे। करीब ढाई माह के दौरान पूरे मध्य प्रदेश में किसानों की मांगों को पूरजोर तरीके से उठाया जाएगा। उनके हक की लड़ाई लड़ी जाएगी।

किसान की खुशहाली का कोई प्लान नहीं
मालूम हो कि अन्नदाता अधिकार यात्रा का रूट निर्धारित करने के लिए राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के युवा इकाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल राज, संगठन मंत्री रविदत्त सिंह, प्रदेश मंत्री मनमोहन रघुवंशी जिलों का दौरा कर रहे हैं। मंदसौर में किसानों की हत्या के जख्म अभी भरे नहीं है। आरोपियों के खिलाफ सरकार ने कोई कार्रवाई नहीं की है। किसानों ने इससे पहले 1 से 10 जून तक सब्जी, दूध और फल सहित अनाज बाजार न ले जाने का विरोध प्रदर्शन किया था। राष्ट्रीय किसान मजदूर महासंघ के युवा इकाई के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल राज का कहना है कि बारिश हो नही रही है, किसान के सामने फिर उत्पादन का संकट है। सरकार के पास किसान की खुशहाली का कोई प्लान नहीं है। ऋण माफी पर सरकार शांत बैठी है।

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ये मांगे यात्रा में उठेंगी
-किसानों का संपूर्ण ऋण माफ किया जाए।
-लागत के डेढ़ गुना लाभकारी मूल्य दिया जाए।
-छोटे-मोटे किसानों की आय तय की जाए।
-फल, सब्जी व दूध उत्पादन से जुड़े किसानों का समर्थन मूल्य तय हो।

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Published on:
10 Jul 2018 11:46 am
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