एजेंडा में शामिल एक तिहाई बिन्दु समाजसेवा के...
रीवा। स्कूल शिक्षा जैसा हाल अब उच्च शिक्षा का भी होता जा रहा है। स्कूल शिक्षा में वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान जिस तरह अधिकारियों की पड़ताल साइकिल, गणेवश, छात्रवृत्ति व मध्याह्न भोजन तक सीमित रहती है। ठीक उसी तरह उच्च शिक्षा में भी शासन स्तर के अधिकारियों की पड़ताल शैक्षणिक गतिविधि के आंकलन में कम योजनाओं के क्रियान्वयन पर अधिक आधारित रहती है। विश्वविद्यालय का हाल भी कुछ ऐसा ही है।
मोदी मंत्र पर आधारित है ज्यादातर गतिविधियां
अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय को नए कुलाधिपति यानी राज्यपाल की ओर से मिल रहे टॉस्क शैक्षणिक गतिविधियों पर कम मोदी मंत्र पर ज्यादा आधारित है। हाल के कुछ महीनों में राज्यपाल की ओर से जो टास्क मिले हैं, उनमें से ज्यादातर टॉस्क समाजसेवा से जुड़ा है और केंद्र सरकार उसमें इंट्ररेस्ट ले रही है। राजभवन से लगभग हर रोज समाजसेवा से जुड़ी गतिविधियों पर अपडेट लिया जा रहा है।
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शैक्षणिक गतिविधि से इतर एक तिहाई बिन्दु
कुलाधिपति की ओर से दो जून को बुलाई गई कुलपतियों की बैठक के बावत जारी एजेंडा में एक तिहाई मुद्दा मूल शैक्षणिक गतिविधि से इतर समाजसेवा से जुड़ा हुआ है। बैठक के बावत 24 सूत्रीय एजेंडा जारी किया गया था। जिसमें आठ से अधिक एजेंडा मूल शैक्षणिक गतिविधि से इतर रहा है। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय सूत्रों की माने तो बैठक का ज्यादातर समय इतर मुद्दों पर ही आधारित रहा है।
कुलाधिपति की प्रमुख नई कवायद
- प्रधानमंत्री के स्लोगन ‘आइ एम फिट इंडिया फिट’ पर कार्य करना
- स्वास्थ्य व स्वच्छता के प्रति लोगों को जागरूक करना
- क्षय यानी टीबी के मरीजों को सुविधाएं मुहैया कराने के साथ जागरूक करना
- गांवों को गोद लेकर छात्रों के माध्यम से जागरूकता अभियान चलाना
- अधिकारियों, प्राध्यापकों व छात्रों को योगाभ्यास के लिए जागरूक करना
- विश्वविद्यालय में संचालित एनएसएस व एनसीसी की गतिविधियां
- विश्वविद्यालय के छात्रों को स्टॉर्ट-अप इंडिया से जोडऩे की कवायद