
रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय की परीक्षाएं खत्म होने के बाद अब छात्र गांवों में स्वच्छता का पाठ पढ़ाएंगे। उच्च शिक्षा विभाग के निर्देश पर विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बावत न केवल योजना बना ली है। बल्कि छात्रों का ऑनलाइन पंजीयन भी किया गया है। जल्द ही छात्रों की ओर से ग्रामीण अंचलों में स्वच्छता का संदेश देने कवायद शुरू कर दी जाएगी।
अभियान में हिस्सा लेंगे एनएसएस छात्र
विश्वविद्यालय की ओर से रीवा व शहडोल संभाग के संबद्ध कॉलेजों के लिए यह निर्देश जारी किया गया है कि वह छात्रों का ऑनलाइन पंजीयन कराएं। वैसे तो अभियान में विशेष रूप से एनएसएस के छात्र शामिल हो रहे हैं। लेकिन एनएसएस के अलावा अन्य दूसरे छात्र भी ऑनलाइन पंजीयन कराकर अभियान का हिस्सा बन सकते हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन ने इस बावत छात्र कल्याण अधिष्ठाता प्रो. एसएल अग्रवाल व एनएसएस के समन्वयक डॉ. सीएम तिवारी को नोडल अधिकारी बनाया है।
छात्रों को मिलेगा अधिमान्य अंक
विभाग की योजना के मुताबिक स्वच्छता अभियान से जुडऩे वाले छात्रों को एनसीसी व एनएसएस की तरह दो क्रेडिट अंक अधिमान्य की तरह प्रदान किए जाएंगे। जिसका छात्रों को संस्थाओं में प्रवेश से लेकर शासकीय व अशासकीय सेवाओं में लाभ मिलेगा। अधिकारियों के मुताबिक दोनों संभागों के कॉलेजों से अभियान के तहत पंजीयन कराने वाले छात्रों की संख्या छह हजार के करीब पहुंच चुकी है। इसमें करीब चार हजार एनएसएस के छात्रों की है।
तीन महीने तक करना होगा कार्य
पंजीकृत छात्रों को आवंटित गांव में ग्रामीणों को स्वच्छता का पाठ पढ़ाना होगा। इसके लिए तीन महीने का समय निर्धारित किया गया है। तीन महीने में छात्रों को न्यूनतम 100 घंटे तक कार्य करना होगा। छात्रों के लिए निर्धारित कार्य में रैली, नुक्कड़ नाटक, जनसंपर्क सहित अन्य माध्यमों से स्वच्छता व स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना होगा। छात्रों के कार्य का मूल्यांकन निर्धारित समिति करेगी। उसके बाद उन्हें प्रमाण पत्र प्रदान किए जाने के साथ ही पुरस्कृत भी किया जाएगा।