235 किमी सड़क गड्ढों में तब्दील, पैंचवर्क के लिए नहीं मिली फूटी कौड़ी
रीवा। राष्ट्रीय राजमार्ग और स्टेट हाइवे को छोड़कर जिले में 384 किलोमीटर सड़क का रखरखाव लोक निर्माण विभाग कर रहा है। इन सड़कों में से महज 67 किलोमीटर सड़क ही अच्छी है, 82 किलोमीटर सड़क औसत और 235 किलोमीटर सड़क गड्ढों में तब्दील हो गई है लेकिन गड्ढे भरने के लिए विभाग को सरकार से फूटी कौड़ी का बजट नहीं मिला है। अब विभाग अपने मद से इन सड़कों के गड्ढे भरने का काम प्रारंभ किया है। इसमें 200 ड्रम डामर विभाग ने क्रय कर लिया है। चुनावी वर्ष होने के कारण इन दिनों सत्ताधारी दल के मंत्री और विधायक निर्माण कार्यों के भूमिपूजन में व्यस्त हैं। वहीं, सड़क के गड्ढों ने जनप्रतिनिधियों की मुश्किल बढ़ा दी है। बारिश के बाद खराब पहुंच मार्गों पर काम शुरू नहीं होने से लोगों में रोष बढ़ता जा रहा है। वहीं भाजपा को बड़ा नुकसान हो सकता है।
जिले में लगभग 800 किलोमीटर सड़क लोक निर्माण विभाग की है। विभाग ने मजबूतीकरण योजना के तहत 86सड़कें (369.36 किमी) 73करोड़ 65 लाख रुपए में बनाने की स्वीकृत दी है, लेकिन एक साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी निर्माण प्रांरभ नहीं हो सका है। वर्ष 2013 में 26 सड़कें बनाई जानी थी, लेकिन निर्माण पूरा नहीं हुआ है।
परफॉर्मेंस अवधि की सड़कें भी गारंटी में फेल
वर्ष 2012 के पहले स्वीकृत 39 सड़कें परफॉर्मेंस अवधि में हैं, जो गुणवत्ताहीन होने के चलते खराब हो गई हैं, लेकिन लोक निर्माण विभाग सिर्फ 6 किलोमीटर सड़क को खराब और 218 किमी को बेहतर बता रहा है। एक दर्जन से अधिक सड़कों के परफॉर्मेंस अवधि में परखच्चे उड़ जाने पर विभाग ने ठेकेदारों को ब्लैक लिस्टेड किया है, इसके साथ ही दोबारा बनाने के लिए टेंडर जारी किया है। इनमें शहर का जयंती कुंज से कहरिया मार्ग भी शामिल है।
एक नजर में सड़कों की स्थिति
384 किमी सड़क का लोक निर्माण विभाग कर रहा रखरखाव
67 किलोमीटर सड़क अच्छी
235किलोमीटर सड़क खराब
82किलोमीटर सड़क सामान्य
नहीं मिला है बजट
कार्यपालन यंत्री लोक निर्माण विभाग ने बताया कि इस वित्तीय वर्ष में सड़कों के पैंचवर्क के लिए बजट नहीं मिला है। बारिश के बाद सड़कों की मरम्मत अब विभागीय मद से कराया जाएगा। इसके लिए 200 ड्रम डामर खरीदा गया है और विभाग के मजदूरों को गड्ढे पाटने में लगाया गया है।