रीवा

स्कूलों में छात्रों के साथ भद्दा मजाक, जानिए छात्रों के भविष्य से किस तरह हो रहा खिलवाड़

अधूरी व्यवस्था के साथ खुलेंगे स्कूल...
2 min read
Jun 17, 2018
Class start without teacher in gov school, student have not book
Class start without teacher in gov school, student have not book

रीवा। निर्देश तो सोमवार, 18 जून को स्कूल खुलने के साथ ही छात्र-छात्राओं के लिए कक्षाओं का संचालन शुरू करने का है। लेकिन अब तक हुई आधी-अधूरी तैयारी को देखते हुए पढ़ाई शुरू करने की योजना केवल खयाली पुलाव जान पड़ रहा है। हालात के मद्देनजर छात्रों को अभी कुछ दिनों तक न ही किताब मुहैया हो सकेगी और न ही शिक्षक। वैसे तो तैयारी के मद्देनजर प्राचार्य व शिक्षकों के लिए ११ जून से ही स्कूल खोलने का शासन स्तर से निर्देश जारी किया गया है। लेकिन ज्यादातर स्कूलों में ताले ही लटकते रहे हैं।

दूसरे कार्यों में व्यस्त हैं शिक्षक
स्कूल खुलने पर पढ़ाई शुरू होने में सबसे बड़ा रोड़ा शिक्षकों के दूसरे कार्यों में व्यस्तता होना है। वर्तमान में जहां प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं के शिक्षकों की बड़ी संख्या बीएलओ की ड्यूटी में लगी हुई है। वहीं दूसरी ओर हाइस्कूल व हायर सेकंडरी के शिक्षक व प्राचार्य प्रशिक्षण लेने में व्यस्त हैं। एक ओर जहां शासकीय उच्च्तर माध्यमिक विद्यालय मार्तंड क्रमांक दो व शिक्षा महाविद्यालय में शिक्षकों का संभागीय स्तर का प्रशिक्षण चल रहा है।

परीक्षा कराने में रहेंगे व्यस्त
वहीं जिला स्तर पर भी प्रत्येक विकासखंड में प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जाएंगे। ज्यादातर विकासखंड में शिक्षकों का प्रशिक्षण 30 जून चलेगा। रुक जाना नहीं योजना के तहत वर्तमान में चल रही परीक्षाओं में भी शिक्षक व्यस्त हैं। इसके बाद माध्यमिक शिक्षा मंडल की पूरक परीक्षाएं शुरू हो जाएंगी। ऐसे में शिक्षक कक्षा लेने के लिए समय निकाल पाएंगे, यह संभव नहीं लग रहा है।

अतिथि शिक्षक भी नसीब नहीं
स्कूलों के नियमित शिक्षकों की इस व्यस्तता के बीच छात्रों को अतिथि शिक्षक भी नसीब नहीं होंगे। क्योंकि अतिथि शिक्षकों की पिछले सत्र में सेवा समाप्ति के बाद न ही नए सिरे से नियुक्ति की गई है और न ही पूर्व में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के लिए कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश शासन स्तर से जारी हुआ है। ऐसे में स्कूल में अतिथि शिक्षक भी अपनी सेवा नहीं दे सकेंगे। गौरतलब है कि अतिथि विद्वानों की तरह अतिथि शिक्षकों को भी रिक्त पदों पर नियुक्ति जारी रखने संबंधित मांग पर विचार किया जा रहा है।

पुस्तक भी अभी नहीं हुई नसीब
पढ़ाई शुरू करने में शिक्षक के अलावा दूसरी सबसे बड़ी बाधा पुस्तक की है। दरअसल अभी तक छात्र-छात्राओं को शासन स्तर से मिलने वाले नि:शुल्क पुस्तक भी नसीब नहीं हो सकी है। जबकि स्कूलों का शैक्षणिक सत्र शासन के निर्देश पर अप्रैल में ही शुरू कर दिया गया है। प्राथमिक व माध्यमिक शालाओं के लिए पुस्तकें मंगा तो ली गई हैं। लेकिन उनका अभी वितरण किया जाना बाकी है। जबकि हाइस्कूल व हायर सेकंडरी के छात्रों के लिए अभी पुस्तकें आ ही नहीं पायी हैं। छात्रों को अभी इंतजार करना पड़ेगा।

Published on:
17 Jun 2018 12:35 pm