
Rewa News: मध्य प्रदेश के रीवा जिले के गुढ़ तहसील के ग्राम बेला में अपनी जमीन से गुजर रही हाईटेंशन टावर लाइन और उचित मुआवजे की मांग को लेकर गड्ढे में भरे पानी के भीतर धरने पर बैठे युवक देशराज मिश्रा (Deshraj Mishra Protest) से मिलने कलेक्टर देर रात पहुंचे। जहां पर कलेक्टर के आश्वासन के बाद युवक ने आंदोलन समाप्त कर दिया। देर रात करीब साढ़े 11 बजे कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी स्वयं धरना स्थल पहुंचे। उनके साथ एसडीएम सुधाकर सिंह, तहसीलदार अरुण यादव और थाना प्रभारी पुष्पेंद्र यादव भी मौजूद रहे।
कलेक्टर ने धरने पर बैठे देशराज मिश्रा से बातचीत कर उनकी शिकायतें और मांगें विस्तार से सुनीं। देशराज ने आरोप लगाया कि उनकी निजी कृषि भूमि से हाईटेंशन विद्युत लाइन और टावर लगाए जा रहे हैं, लेकिन उन्हें भूमि और टावर लाइन के लिए उचित मुआवजा नहीं मिला है। उन्होंने बिना पर्याप्त नोटिस और सहमति के काम कराए जाने पर भी आपत्ति जताई।
बातचीत के दौरान देशराज मिश्रा ने प्रशासनिक अधिकारियों के सामने अपनी जमीन, सीमांकन, नोटिस और मुआवजे से जुड़े दस्तावेजों का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि उनकी ओर से कई बार अधिकारियों को शिकायत दी गई और मामले में पटवारी रिपोर्ट भी तैयार की गई है। उनका दावा है कि विद्युत लाइन के लिए उनकी जमीन का इस्तेमाल किए जाने से पहले उन्हें नियमानुसार प्रक्रिया और मुआवजे की जानकारी दी जानी चाहिए थी। कलेक्टर ने मामले की जानकारी लेते हुए कहा कि मुआवजे से जुड़ी मांगों का नियमानुसार परीक्षण कर जल्द निराकरण कराया जाएगा। प्रशासन के इस आश्वासन के बाद देशराज मिश्रा ने अपना अनशन समाप्त करने की घोषणा की।
लगातार करीब 88 घंटे तक पानी में अनशन पर रहने के कारण देशराज मिश्रा की तबीयत प्रभावित हुई। धरना समाप्त होने के बाद प्रशासन की ओर से उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य जांच और मेडिकल परीक्षण के लिए संजयगांधी अस्पताल भेजा, डॉक्टरों की टीम ने उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया।
देशराज मिश्रा ने बातचीत के दौरान आरोप लगाया कि इससे पहले निर्माण कार्य के दौरान पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी से काम कराने का प्रयास किया गया था। उनका कहना था कि जब तक जमीन और मुआवजे से जुड़े विवाद का समाधान नहीं होता, तब तक वह अपनी जमीन पर काम किए जाने का विरोध करते रहेंगे। उन्होंने अधिकारियों के सामने यह भी कहा कि वह सरकारी काम में बाधा डालने के पक्ष में नहीं हैं, लेकिन अपनी निजी संपत्ति और उसके अधिकारों को लेकर अपनी बात रखने का उन्हें अधिकार है।
स्वतंत्रता दिवस के मौके पर पानी के भीतर धरने पर बैठे युवक का वीडियो सामने आने के बाद प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी ने फोन पर बात की और पूरी जानकारी ली। इस दौरान कांग्रेस के पूर्व विधायक सुखेन्द्र सिंह बन्ना भी पहुंचे और कहा कि प्रशासन नहीं सुनेगा तो सड़क पर आंदोलन होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए कलेक्टर ने मौके पर पहुंचकर धरना समाप्त कराया।