
रीवा। वैट अधिनियम के तहत पंजीकृत व्यापारियों को अब प्रोफेशनल टैक्स में भी छूट नहीं मिलेगी। जिले में 10 लाख के अंदर पंजीकृत पांच हजार व्यापारियों को प्रोफेशनल टैक्स अदा करना है। इसके साथ ही टैक्स में 500 रुपए की बढ़ोत्तरी कर दी है। इस नए बदलाव के बाद उपायुक्त राज्य कर प्राइवेट शैक्षणिक संस्थान, कोंचिग सहित चिकित्सकों को सहित लगभग दो हजार लोगों को नोटिस जारी कर रहा है।
किया है बड़ा बदलाव
इसके पहले प्रोफेशनल टैक्स में 10 लाख रुपए तक व्यापार करने वाले को इसमें छूट प्रदान थी। साथ ही 10 लाख रुपए से अधिक का कारोबार करने वालों को वार्षिक दो हजार रुपए टैक्स जमा करना था लेकिन इसमें वाणिज्य विभाग ने संशोधन कर छूट समाप्त कर दी है। साथ ही टैक्स भी बढ़ा दिया है। इसी को लेकर वित्तीय वर्ष 11.62 करोड़ रुपए को प्रोफेशनल टैक्स जमा करने का लक्ष्य दिया है। वाणिज्य कर विभाग ने वैट टैक्स में पंजीकृत व्यापारी जो १० लाख के अंदर उन्हें टैक्स जमा करने का नोटिस जारी किया है।
पंजीकृत नहीं हैं शैक्षिणक संस्थान
वाणिज्य कर विभाग ने उन शैक्षिणक संस्थानों को प्रोफेशनल टैक्स अदा करने के लिए नोटिस जारी की है जो अब तक वाणिज्य कर विभाग में पंजीकृत हैं। इनमें वाणिज्य कर ने निजी शैक्षिणक संस्थान, कोचिंग सेंटर, चिकित्सक, बीमा कंपनियों के प्रतिनिध को नोटिस जारी किया है।
समाप्त हो गई है छूट
उपायुक्त राज्य कर संगीता गुप्ता ने बताया कि प्रोफेशनल टैक्स में वैट अधिनिनियम के तहत पंजीकृत व्यापारियों को 10 लाख रुपए तक छूट समाप्त कर दी है। इसके बाद सभी 25सौ रुपए वार्षिक प्रोफेशनल टैक्स जमा करना है।
17 करोड़ कैसे आएगा, काम बंद कर बैठे अधिकारी और निरीक्षक
वेतन विसंगति को लेकर वाणिज्यकर अधिकारी, निरीक्षक एवं कराधान संघ आर-पार की लड़ाई लड़ेगा। बुधवार को तीसरे दिन भी कर्मचारी और अधिकारी अनिश्चितकालीन हड़ताल पर बैठे रहे। हड़ताल के चलते सरकार को करोड़ों रपुए की क्षति उठानी पड़ रही है। दरअसल, फरवरी एवं मार्च में वाणिज्य कर 6 करोड़ रुपए नगद एवं 11 करोड़ रुपए से अधिक प्रोफेशनल टैक्स वसूलता है। लेकिन इस बार वेतन विसंगति को लेकर वाणिज्य विभाग के राज्य क र अधिकारी, कर निरीक्षक एवं सहायक कराधान के 19 फरवरी से अनिश्चितकालीन हड़ताल में चले जाने से वाणिज्य कर विभाग में कम ठप पड़े हुए हैं । इसका सबसे ज्यादा असर राजस्व वसूली पर पड़ रहा है।