11 अगस्त 2026,

मंगलवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

सीमेंट फैक्ट्री में प्रदूषण स्तर की होगी ऑनलाइन मॉनीटरिंग

फैक्ट्री में लगाए गए पीटीजेड कैमरे, बैक हाउस एवं ईएसपी यूनिट लगाई गई
2 min read
Google source verification
cement factory

cement factory

रीवा. सीमेंट फैक्ट्री से होने वाले प्रदूषण को रोकने के लिए प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कड़े कदम उठाए हैं। इसकी मानीटरिंग बोर्ड द्वारा हर पल की जाएगी। इसके लिए बोर्ड ने सीमेंट फैक्ट्री में कंपनी द्वारा पीटीजेड कैमरे लगवाए हैं। इन कैमरों को ऑनलाइन दिल्ली व भोपाल स्थित कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है। इसके बाद सीमेंट फैक्ट्रियों से निक लने वाली डस्ट एवं धुंआ की मानीटरिंग की जा सकेगी।

करोड़ों की लागत से लगाई यूनिट
बताया जा रहा है कि सीमेंट फैक्ट्री से निकलने वाली डस्ट एवं चिमनी से निकालने वाले हानिकारण तत्वों को रोकने के लिए फैक्ट्री में करोड़ों की लागत से बैक हाउस एवं ईएसपी यूनिट लगाई गई है। इसके बाद भी यह यूनिट एवं बैक हाऊस 24 घंटे काम कर रहे हैं या नहीं इसकी निगरानी के लिए पीटीजेड कैमरा लगाए गए हैं। इनमें अल्ट्राटेक सीमेंट बघवार प्लांट एवं जेपी सीमेंट प्लांट में पीटीजेड कैमरा लगाए जा चुके हैं। इसके अतिरिक्त बेला सीमेंट प्लांट में पीटी जेड कैमरा लगाने का कार्य चल रहा है। इसके बाद इन सीमेंट फैक्ट्री की ऑनलाइन मानीटरिंग हो सकेगी।

स्टोन क्रशर में जल्द होगी व्यवस्था
सीमेंट फै क्ट्री में लगाम लगाने के बाद स्टोन क्रशन पर भी लगाम लगाई जाएगी। ऐसे क्षेत्र जहां बड़ी संख्या में स्टोन क्रशर संचालित हैं वहां भी पीटीजेड कैमरा लगवा कर मानीटरिंग की जाएगी। पीटीजेड कैमरा की अधिक कीमती होने के कारण कलस्टर बनाकर संचालकों से लगवाएं जा सक ते हैं।

बढ़ रहा प्रदूषण
शहर के आसपास के क्षेत्र में लगी सीमेंट फैक्ट्रियों के कारण प्रदूषण फैल रहा है। फैक्ट्रियों से निकले वाला धुआं और डस्ट लोगों को बीमार कर रही है। कुछ गांव तो ऐसे हैं जहां पूरा गांव ही बीमारी के चपेट में है, जिससे लोग गांव छोडऩे को मजबूर हो रहे हैं।

सेंट्रल कंट्रोल रूम से जोड़ा
दो सीमेंट प्लांट में प्रदूषण की मानीटरिंग करने पीटीजेड कैमरा लगवाने के बाद इसे सेंट्रल कंट्रोल रूम से जोड़ा गया है।बेला सीमेंट प्लांट में कै मरा लगाने का कार्य पूर्णता की ओर है।इसके बाद ऑन लाइन मानीटरिंग हो सकेगी।
एसके मेहरा, क्षेत्रीय अधिकारी, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड