मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को एकात्म यात्रा का शुभारंभ किया। कहा, आदि शंकराचार्य ने देश को सांस्कृतिक एकता के सूत्र में बांधा है।
रीवा. मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मंगलवार को एकात्म यात्रा का शुभारंभ किया। कहा, आदि शंकराचार्य ने देश को सांस्कृतिक एकता के सूत्र में बांधा है। चारों कोनों में चार मठों की स्थापना की, जो आज भी सनातन धर्म और आस्था के केन्द्र हैं। उनके विचारों और अद्वैत दर्शन ने धार्मिक व सांस्कृतिक संकट को दूर किया। इससे सनातन धर्म की पुन: स्थापना हुई। मंगलवार को मार्तंड स्कूल में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शाम 4.11 बजे पहुंचे। साथ में पत्नी साधना सिंह भी थीं। अध्यक्षता मंत्री राजेन्द्र शुक्ला ने की। मंच पर महामंडलेश्वर अखिलेश्वरानंद गिरी, परमानंद गिरि, स्वामी ज्योर्तिमय आनंद महाराज, गोपाल दास सच्चा बाबा सहित अन्य साधु-संत थे।
दुआ करता हूं, राष्ट्रपति विधेयक पारित कर दें
सीएम चौहान ने कहा, संयुक्त राष्ट्र तो अभी बना है। आदि शंकराचार्य ने तो दुनिया को पहले ही एकरूप दिया था। उनका कहना था कि मनुष्य एक है। कोई ऊंच-नीच नहीं है। हर जीव में एक ही चेतना है। उन्होंने अद्वैत वेदांत दर्शन का प्रतिपादन किया। विश्व को परिवार बताया था। अद्वैत वेदांत दर्शन को विश्व अपना ले तो आतंकवाद सहित सभी समस्याओं का निराकरण हो सकता है। मुख्यमंत्री ने महिलाओं की सुरक्षा पर कहा, मासूम बेटियों के दुराचारियों को फांसी पर लटकाने के लिए विधेयक लाया हूं। एकात्म यात्रा के माध्यम से दुआ करता हूं कि राष्ट्रपति जल्द ही विधेयक को पारित कर दें। ताकि, बेटियों की सुरक्षा हो सके। सीएम ने जीव, जगत और जगदीश के मूलभूत एकात्म भाव को अपनाने का संकल्प दिलाया।
आदि शंकराचार्य ने धर्म की रक्षा की
जगद्गुरु स्वामी परमानंद ने कहा, जिस तरह से राजा राज्य की रक्षा के लिए किले का निर्माण कराते थे, उसी तरह आदि शंकराचार्य ने सनातन धर्म की रक्षा के लिए चार मठों की स्थापना की है। यात्रा के अगुवा अखिलेश्वरानंद ने बताया कि यात्रा रीवा से शुरू होकर सीधी, सिंगरौली, सतना, पन्ना, छतरपुर होते हुए 1849 किमी. का सफर तय कर ओंकारेश्वर जाएगी। मंत्री राजेन्द्र शुक्ल ने कहा, सौभाग्य है कि हमें एकात्म यात्रा में शामिल होने का अवसर मिला।
सीएम सडक़ मार्ग से खजुराहो गए
सीएम एकात्म यात्रा में सवा घंटे देर पहुंचे। कार्यक्रम को शाम 4.49 बजे संबोधित किया। पौने छह बजे परिसर से मुख्यमंत्री, पत्नी साधना सिंह और महामंडलेश्वर स्वामी अखिलेश्वरानंद गिरि ने कलेक्ट्रेट तक यात्रा निकाली। इसके बाद यात्रा को हरीझंडी दिखाकर रवाना किया। सीएम शाम करीब 6.25 बजे चोरहटा हवाई पट्टी पहुंचे। अंधेरा होने के कारण उन्हें सडक़ मार्ग से वाया सतना होते हुए खजुराहो के लिए रवाना किया गया।
यात्रा का विरोध करने वाले हिरासत में, कोर्ट भवन को लेकर कर रहे थे प्रदर्शन
कोर्ट भवन के लिए चलाए जा रहे आंदोलन की कड़ी में मंगलवार को मुख्यमंत्री की सभा का विरोध किया गया। कोर्ट बचाओ संघर्ष समिति ने पूर्व से ही विरोध की घोषणा कर रखी थी। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में पहुंचने के पूर्व ही जिला न्यायालय परिसर से वकीलों और कोर्ट बचाओ संघर्षसमिति के सदस्यों ने रैली निकालकर विरोध प्रदर्शन शुरू किया। मार्तण्ड स्कूल तिराहे के पास पहुंचते ही पुलिस ने रोक लिया। पुलिस द्वारा बनाए गए बेरिकेटिंग को भी तोडऩे का कुछ युवा वकीलों ने प्रयास किया। पुलिस ने रोका तो प्रदर्शनकारी वहीं पर धरने पर बैठ गए। काफी देर तक मुख्यमंत्री और स्थानीय मंत्री के विरोध में नारेबाजी की गई। मौके पर पहुंचे कार्यपालिक मजिस्ट्रेट ने गिरफ्तार किए जाने की घोषणा की। इस दौरान संघर्ष समिति के शिव सिंह, कुंवर सिंह, रामायण सिंह, रितेश गुप्ता, श्रीप्रकाश तोमर, पार्षद नम्रता सिंह, बद्री प्रसाद, नबीउल्ला, ज्ञानेन्द्र गौतम, शहीद अंसारी, विश्वनाथ पटेल, नूरुल हसन, बृजेन्द्र गुप्ता, ऊषा पटेल, असफाक खान, आबिद, तौहीद, कंचन सिंह, नीलम चतुर्वेदी सहित कईअन्य लोगों को गिरफ्तार किया गया।