
Rewa Electricity Theft Case: मध्य प्रदेश के रीवा शहर में बिजली चोरी के मामले में विभागीय जिम्मेदारों द्वारा ही गड़बड़ी करने की जानकारी सामने आई है। शहर संभाग में पदस्थ कनिष्ठ अभियंता द्वारा पहले तो उपभोक्ता के घर प्राइवेट व्यक्तियों के साथ छापा मारा गया। जब बिजली चोरी पकड़ी गई तो सेटिंग करके कम राशि की बिलिंग बना दी। मामला उजागर होने पर अब जांच बैठा दी गई है। बताते हैं कि 19 सितंबर को जेई अजय मिश्रा ने घोघर निवासी असलम खान के घर छापा मारा।
जेई ने जो पंचनामा बनाया था, उसके अनुसार उपभोक्ता के घर 2.97 किलोवाट विद्युत खपत स्वीकृत थी। जेई ने 3.33 किलोवाट के हिसाब से जुर्माना निकाला। सूत्र बताते हैं कि जिस तरह से उपभोक्ता के घर में एसी, फ्रिज, कूलर व अन्य विद्युत सामग्री मिली थी, उसमें तकरीबन 10 किलोवाट से अधिक विद्युत खपत की राशि उपभोक्ता से वसूली जानी चाहिए। ऐसे कहा जा रहा है कि छापा मारने के बाद स्वयं जेई ने ही उपभोक्ता के पक्ष में मामला बनाने की कोशिश की।
बताते है कि जेई अजय ने उपभोक्ता के घर में जब छापा मारा, तब उनके साथ कोई भी विभागीय कर्मचारी नहीं था। केवल आउटसोर्स और ठेका कंपनी के दो कर्मचारी थे, जिनके हस्ताक्षर भी पंचनामा में कराए गए। जबकि नियमानुसार लाइनमैन या अन्य विभागीय अधिकारी या कर्मचारी के साथ ही यह छापामार कार्रवाई करनी चाहिए थी। इतना ही नहीं, 19 सितंबर को विद्युत चोरी का प्रकरण बनाने के बाद भी उपभोक्ता की बिजली नहीं काटी गई। सिर्फ मीटर निकाला गया और नियमों का उल्लंघन करते हुए अगले दिन 20 सितंबर को प्राइवेट व्यक्ति से ही उपभोक्ता के घर नया मीटर लगवा दिया गया। इस प्रकार, एक दिन की बिजली भी उपभोक्ता ने मुफ्त में उपयोग कर ली।
उक्त छापामार कार्रवाई में पाया गया था कि उपभोक्ता द्वारा मीटर में पीछे छेद किया गया है, जिसके जरिए अतिरिक्त बिजली का उपयोग किया जा रहा था। पंचनामा कार्रवाई में जेई ने उक्त बिजली चोरी की फोटो आदि भी संलग्न की है। बताते हैं कि इस तरह के कारनामे आए दिन मैदानी अमले से जुड़े कुछ अधिकारी-कर्मचारी करते रहते हैं। कभी-कभी ही इस तरह का कोई मामला अधिकारियों की पकड़ में आ पाता है।
प्रकरण संज्ञान में आया है। जांच के लिए कमेटी बनाई है। सहायक अभियंता मामले की जांच कर रहे है। जांच रिपोर्ट के अनुसार आगामी कार्रवाई की जाएगी। -अभिषेक शुक्ला, कार्यपालन अभियंता शहर संभाग