
Rewa Lokayukta Bribery Case: मध्य प्रदेश में रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों पर कार्रवाई का सिलसिला लगातार जारी है। लगभग हर दूसरे दिन कहीं न कहीं लोकायुक्त (Lokayukta Action) रिश्वतखोर अधिकारी-कर्मचारियों को रिश्वत (Bribe) लेते हुए रंगेहाथों पकड़ रही है लेकिन इसके बावजूद रिश्वतखोर बाज आते नजर नहीं आ रहे हैं। ताजा मामला मध्यप्रदेश रीवा जिले का है जहां एक वनपाल को रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त रीवा की टीम ने रंगहाथों पकड़ा है।
उत्तर प्रदेश के बाराबंकी निवासी ट्रक चालक नीरज यादव ने लोकायुक्त रीवा कार्यालय में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया था कि वो 6 जुलाई को लकड़ी लोड कर मुरादाबाद जा रहा था। त्योंथर क्षेत्र में वन विभाग की जांच के दौरान दस्तावेज पूरे नहीं मिलने पर ट्रक को जब्त कर सिरमौर वन परिक्षेत्र कार्यालय में खड़ा करा दिया गया। कई दिन तक ट्रक नहीं छूटने पर चालक ने वनपाल दिनेश कुमार से संपर्क किया। आरोप है कि वनपाल ने ट्रक छोड़ने और जुर्माना कम कराने के बदले दो लाख रुपए की रिश्वत की मांग की। रिश्वत की मांग से परेशान चालक ने लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त टीम ने मामले का सत्यापन किया। जांच के दौरान वनपाल दिनेश कुमार द्वारा रिश्वत मांगने की पुष्टि होने पर ट्रैप की योजना बनाई गई। शनिवार को लोकायुक्त टीम ने फरियादी ट्रक चालक नीरज यादव को रिश्वत की पहली किस्त के तौर पर 78 हजार रुपये देने के लिए आरोपी वनपाल दिनेश कुमार के पास भेजा। वनपाल ने फरियादी को रिश्वत की रकम देने के लिए वन परिक्षेत्र कार्यालय में बुलाया, वहां पहले से लोकायुक्त की टीम सादे कपड़ों में मौजूद थी और जैसे ही वनपाल ने रिश्वत की रकम ली तो उसे रंगेहाथों पकड़ लिया। कार्रवाई के दौरान कार्यालय परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
ट्रैप के बाद लोकायुक्त टीम आरोपी वनपाल को आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं के लिए अपने साथ ले गई। उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। लोकायुक्त के ट्रैपकर्ता अधिकारी संदीप सिंह भदौरिया ने बताया कि ट्रक चालक से दो लाख रुपए की रिश्वत मांगी गई थी। शिकायत की तस्दीक के बाद सिरमौर में आरोपी वनपाल को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया।