रीवा

सहायक अधीक्षक पद से नवाजे जा रहे अतिथि विद्वान, जानिए क्या है मामला

शासन स्तर तक पहुंचा मामला, अधिकारियों पर मनमानी का आरोप...

2 min read
May 08, 2018
University rewa Student problem
University rewa Student problem

रीवा। अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय में एक बार फिर परीक्षा के दौरान सहायक अधीक्षक पद की नियुक्ति को लेकर घमासान मच गया है। नियुक्ति से पहले ही अतिथि विद्वानों ने इसका विरोध शुरू कर दिया है। विरोध के साथ ही मनमाने तरीके से की जाने वाली नियुक्ति को परीक्षा नियमों के विरुद्ध करा दिया गया है।

अतिथि विद्वानों ने सौंपा ज्ञापन
विश्वविद्यालय में पिछले वर्ष की भांति इस बार भी परीक्षा ड्यूटी में कुछ अतिथि विद्वानों को सहायक अधीक्षक पद पर नियुक्त किए जाने की योजना बनाई गई है। अधिकारी इस बावत आदेश जारी करते इससे पहले नियुक्ति की भनक दूसरे अतिथि विद्वानों को लग गई। जिसका विरोध शुरू हो गया। विश्वविद्यालय के सूत्रों की माने तो विरोध में आए अतिथि विद्वानों ने कुलपति को ज्ञापन सौंपकर नियम विरुद्ध नियुक्ति को स्थगित करने की अपील की है।

दिया अध्यादेश का हवाला
विरोध करने वालों ने कुलपति को सौंपे गए ज्ञापन में इस बात का भी जिक्र किया गया है कि अतिथि विद्वानों को परीक्षा के दौरान सहायक अधीक्षक जैसे पदों पर नियुक्त करने प्रावधान विश्वविद्यालय के अध्यादेश, विनियम व परिनियम कहीं भी नहीं है। ऐसे में यह नियुक्ति अवैध होगी।

वित्तीय अनियमितता का मामला
अतिथि विद्वानों ने गत वर्ष हुई नियुक्ति को वित्तीय अनियमितता करार दिया है। इसकी शिकायत राज्यपाल के अलावा उच्च शिक्षा विभाग से भी की है। आरोप है कि विवि प्रशासन कुछ अतिथि विद्वानों को उपकृत करने के लिए विश्वविद्यालय के वित्त का दुरुपयोग कर रहा है।

पिछले वर्ष भी हुई थी नियुक्ति
पिछले वर्ष भी सेमेस्टर परीक्षा में तीन अतिथि विद्वानों को सहायक अधीक्षक बनाया गया था। उस समय भी इसका विरोध हुआ था। लेकिन विश्वविद्यालय प्रशासन ने विरोध को नजर अंदाज करते हुए अतिथि विद्वानों से न केवल सहायक अधीक्षक का कार्य लिया, बल्कि उन्हें उसी पद के अनुरूप भुगतान भी दिया गया। हालांकि सूत्रों की माने तो नियुक्ति में कुलपति का अनुमोदन नहीं था।

Published on:
08 May 2018 01:28 pm