सांई संस्थान ने की बैठक, बनाई रूपरेखा, तीन दिन होंगे कार्यक्रम
रीवा। गुरु पूर्णिमा महोत्सव की तैयारी शिर्डी सांई संस्थान ने पूरी कर ली है। आगामी 26 जुलाई से महोत्सव मनाया जाएगा। मंगलवार को शिर्डी सांई संस्थान कोठी कंपाउंड में अजय धमीजा की अध्यक्षता में बैठक हुई। जिसमें मंगल प्रसाद नामदेव, सीएल अग्रवाल, मनसुखलाल, प्रेम प्रकाश सोंधिया, मनु कनौडिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे। बैठक में गुरु पूर्णिमा महोत्सव की रूपरेखा को अंतिम आकार दिया गया।
महोत्व में तीन दिन तक विभिन्न प्रकार के कार्यक्रम होंगे। 26 से 28 जुलाई तक कार्यक्रम चलेंगे। अंतिम दिन शोभा यात्रा निकलेगी। जो शहर के विभिन्न मार्गो से गुजरेगी। शोभायात्रा में उज्जैन का आरकेस्ट्रा और कड़ा बीम आकर्षण का केंद्र होगा। संाई संस्थान के द्वारा गुरु पूर्णिमा सांई मंदिर की स्थापना के साथ मनाई जा रही है। शोभायात्रा के दिन बड़ी संख्या में सांई के भक्त एकत्र होते हैं। रीवा ही नहीं, अन्य जिलों से भी भक्त आते हैं। पूरे दिन अध्यात्मिक कार्यक्रम होते हैं। आरती में बड़ी संख्या में शहरी उमड़ते हैं। भंडारे में हजारों लोग प्रसाद ग्रहण करते हैं। शोभायात्रा शहर के विभिन्न मार्गों से गुजरती है तो लोग बाबा की पालकी पर पुष्पवर्षा करते हैं। कई प्रकार की झांकियां आकर्षण का केंद्र होती हैं।
गुरु पूर्णिमा का महत्व
आषाढ़ पूर्णिमा को गुरु पूॢणमा कहा जाता है। इस वर्ष 27 जुलाई को यह पर्व पड़ रहा है। गुरु का तात्पर्य ज्ञान से है। मनुष्य के लिए यह पूर्णिमा लाभकारी मानी गई है। गुरु के चरणों में योग, ध्यान, भक्ति करने से शक्ति और समृद्धि मिलती है। गुरु अंधकार को हटाकर जीवन में प्रकाश फैलाता है। गुरु पूर्णिमा के दिन ही चार वेदों के ज्ञाता महर्षि वेदव्यास का जन्म हुआ था। उनके सम्मान में यह पर्व धूमधाम से मनाया जाता है।
कब क्या-क्या होगा
-26 जुलाई को बाबा की पालकी सांय 7 बजे।
-27 जुलाई को सुबह 5 बजे बाबा को अभिषेक।
-27 जुलाई को सुबह 7 बजे बाबा की आरती।
-27 जुलाई को सुबह 8 बजे चरण पादुका पूजन।
-27 जुलाई को दोपहर 12 बजे बाबा की आरती।
-27 जुलाई को दोपहर 1 बजे भंडारा।
-28 जुलाई को दोपहर 2 बजे बाबा की शोभा यात्रा।