विंध्य महोत्सव का आयोजन प्रशासन के लिए इस बार भी कड़ी चुनौती पेश करेगा। बीते साल की कमियों को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं। नगर निगम परिषद के सदस्यों ने भी इस बार विरोध शुरू कर दिया है। महोत्सव के लिए निगम द्वारा दस लाख रुपए देने का प्रस्ताव लाया गया था, जिसके विरोध में सत्ता एवं विपक्ष दोनों तरफ के पार्षद थे इसके बावजूद अध्यक्ष ने उस एजेंडे को पास करने की घोषणा कर दी थी।
आरोप लगाए जा रहे हैं कि निगम की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है इसके बावजूद फिजूलखर्ची की जा रही है। बीते साल हुए आयोजन की अव्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर में आयोजित किए जा रहे इस कार्यक्रम के लिए निगम प्रशासन भी तैयारियां तेज कर दी है। हाल ही में इंजीनियरिंग कॉलेज के पास से अतिक्रमण हटाए जाने को लेकर भी कईसंगठनों ने सवाल उठाया है कि अभी तक अतिक्रमण हटाने की कोई मुहिम नहीं छेड़ी गई लेकिन जब स्वयं का कार्यक्रम आया तो कार्रवाई प्रारंभ की गईहै।
शुक्रवार को कलेक्टर, एसपी, निगम कमिश्नर सहित अन्य कईअधिकारियों ने एक साथ इंजीनियरिंग कॉलेज परिसर का भ्रमण किया। इस दौरान कलेक्टर ने परिसर की सफाई के लिए निर्देशित किया है और कहा हैकि जहां पर व्यवस्था के हिसाब से काम की जरूरत हो बदलाव करें। साथ ही यह भी कहा है कि लोगों को परेशानी नहीं हो ऐसी बैठक व्यवस्था बनाई जाए। व्यवस्था पर उठाए जा रहे सवालों के चलते कलेक्टर और निगम आयुक्त ने अपने दफ्तरों में अधिकारियों के साथ बैठकों का दौर भी तेज कर दिया है।
वाहनों से पार्किंग शुल्क वसूला जाएगा
इस बार विंध्य महोत्सव में वाहनों की पार्किंग का चार्ज वसूला जाएगा। इसके लिए नगर निगम ने ठेका भी दे दिया है। जिसमें साइकिल से एक रुपए, मोटरसाइकिल से दो रुपए एवं चार पहिया वाहनों से पांच रुपए की वसूली की जाएगी। एक से पांच अप्रैल तक आयोजित किए जाने वाले इस कार्यक्रम में तीन अप्रैल को मुख्यमंत्री के भी पहुंचने की संभावना है।
विंध्य महोत्सव की तैयारियां तेज
विंध्य महोत्सव कार्यक्रम की तैयारी जोरों पर चल रहीं हैं। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर शुक्रवार को कलेक्टर और एसपी इंजीनियरिंग कालेज में तैयारियों की समीक्षा कर कार्यक्रम स्थल का अवलोकन निरीक्षण किया। उन्होंने ग्राउंड प्लान पर चर्चा करते हुए कार्यक्रम स्थल पर प्रवेश, निकास, पार्किंग, वाहनों को प्रवेश, पैदल दर्शकों के प्रवेश स्टेज , डी, ग्रीन रूम, फूड जोन, बैठक व्यवस्था शिल्प ग्राम तथा मीडिया के लिए नियत स्थान आदि को चिह्नित किया गया।