जिला मुख्यालय पर कंट्रोलरूम में दिन भर बैठे रहे कलेक्टर-एसपी, पल-पल की लेते रहे खबर
रीवा. जिले में मंलवार को भारत बंद का असर नहीं रहा। शहर में शिल्पी प्लाजा, सिरमौर चौक, अस्पताल और प्रकाश चौराहा सहित पूरे जगहों पर बाजार गुलजार रहा। हालांकि शहर के बाहरी हिस्सों में कुछ जगहों पर बंद का आंशिक असर रहा। एहतियातन जिला प्रशासन जगह-जहह भारी पुलिस बल तैनात कर रखा था। कलेक्टर ने बताया शहर पूरी तरह शांत रहा। किसी तरह का कोई जुलूस और न ही प्रदर्शन किया गया।
रीवा में पूरे दिन खुली रहीं दुकानें
हाईकोर्ट के एससी-एसटी एक्ट के बदलाव के समर्थन में सोशल मीडिया पर घोषित तिथि 10 अप्रैल को सर्वर्णों ने भारत बंद का आह्वान किया। सोशल मीडिया की सूचना को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद रहा। 9 अप्रैल को ही सर्वण समाज के विभिन्न संगठनों के साथ कलेक्टर और एसपी ने बैठक कर मंथन कर लिया था। सभी संगठनों ने शांति का समर्थन किया। कथित भारत बंद पूरी तरफ फ्लाप रहा। रीवा में पूरे दिन दुकानें खुली रही। शहर के पॉश एरिया की दुकानों के शटर निर्धारित समय से सुबह करीब साढ़े दस बजे कुछ व्यापारी शटर उठाने के बाद बंद कराने वाले संगठनों के आने का इंतजार किया, कुछ घंटे बाद ही पूरा शटर खोल दिया गया। पूरा शहर खुला रहा। बताया गया कि शहर के बाहरी छोर में कुछ जगहों पर छिटपुट दुकानें बंद रहीं।
कंट्रोलरूप से जायजा लेते रहे कलेक्टर-एसपी
कथित भारत बंद को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। कलेक्टर प्रीति मैथिल और एसपी ललित शाक्यवार कंट्रोलरूप से पूरे जिले की निगरानी कर रहे थे। अधिकारियों ने बताया पूरा जिला शांत रहा। भारत बंद का कोई असर नहीं रहा। शहर खुला रहा। एहतियातन कुछ स्कूलों ने बंद कर दिया। जिले में किसी तरह की बंद जैसा माहौल नहीं रहा।
फोन पर बंद का एक दूसरे से लेने रहे जानकारी
भारत बंद के असर को लेकर फोन पर एक दूसरे से लोग जानकारी लेते रहे। दोपहर कलेक्ट्रेट कार्यालय में बैठे एक बाबू ने रिश्तेदार को फोन कर पूछा कि नए बस स्टैंड की ओर बंद का असर है, जवाब आया कि इस तरफ सभी दुकानें खुली हुई हैं। शिल्पी प्लाजा में कारोबारियों ने भी एक दूसरे से फोन पर जानकारी लेते रहे। इसी तरह पूरे जिले में एक स्थान से दूसरे स्थान पर बंद होने की जानकारी सगे संबंधित से लोग लेते रहे।
आर्थिक आधार पर आरक्षण की उठाई मांग
राष्ट्रीय किसान विकास पार्टी के पदाधिकारियों ने भारत बंद समर्थन में दुकानें बंद का दावा किया। पार्टी के महासचिव आशीष तिवारी ने कहा कि महामहिम राष्ट्रपति को संबोधित जिला प्रशासन को ज्ञापन दिया गया है। दावा कि सिरमौर सहित कई जगहों पर दुकानें बंद रहीं। किसान विकास पार्टी के पदाधिकारियों ने जाति आाधार की जगह आर्थिक आधार पर आरक्षण दिए जाने की मांग उठाई है। एससी-एसटी एक्ट को समाप्त करने के साथ ही पदोन्नति में आरक्षण हटाए जाने की विज्ञप्ति जारी की है। इस दौरान पदाधिकारियों ने कहा कि योग्यता एवं सामानता के आधार पर समाज के समस्त जाति, धर्म के लोगों को शासकीय योजनाओं का लाभ दिया जाए।