रजिस्टर पर दर्ज हो रही उपस्थित...
रीवा। ऑनलाइन उपस्थिति व ऑनलाइन अवकाश के साथ बाकी की दूसरी सुविधाएं व व्यवस्था ऑनलाइन उपलब्ध होगी। शिक्षा विभाग में इस व्यवस्था को लेकर एम-शिक्षामित्र एप के जरिए शुरू की गई व्यवस्था शिक्षकों के विरोध के आगे ढेर हो गई है।
रजिस्टर व्यवस्था से ही उपस्थिति दर्ज की जा रही
शासन स्तर से निर्देश जारी होने के बावजूद शिक्षक एप के जरिए उपस्थिति दर्ज करने की जहमत मोल नहीं ले रहे हैं। शिक्षा अधिकारियों के तमाम दबाव के बावजूद शिक्षकों की ओर से पूर्व की भांति रजिस्टर व्यवस्था से ही अपनी उपस्थिति दर्ज की जा रही है। नतीजा व्यवस्था को लागू कराने की जिम्मेदारी संभालने वाले अधिकारियों का दबाव भी शिथिल होता जा रहा है।
प्रशिक्षण देने तक सीमित रही सारी कवायद
स्कूलों में एप का प्रयोग किया जाए, इसको लेकर प्राचार्यों व शिक्षकों के लिए विकासखंडवार प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया। लेकिन सारी गतिविधि केवल प्रशिक्षण तक सीमित रही। इतना ही नहीं प्रशिक्षण के दौरान अध्यापकों ने इस व्यवस्था के विरोध में न केवल प्रशिक्षण का बहिष्कार किया बल्कि धरना प्रदर्शन कर आपत्ति भी जताई।
संघ ने व्यवस्था को बताया तानाशाही रवैया
मप्र. शिक्षक संघ, मप्र. शिक्षक कांग्रेस व शिक्षक संघ मप्र सहित अध्यापकों के संगठन ने एप की व्यवस्था का विरोध किया। विसंगतियों का हवाला देते हुए किए गए विरोध में इसे शासन स्तर के अधिकारियों के तानाशाही रवैए का परिणाम करार दिया गया। शिक्षकों ने कहा कि इस व्यवस्था को केवल शिक्षा विभाग पर थोपने की बजाय दूसरे विभागों में भी लागू किया जाए।
पिछले तीन वर्ष से हर बार अधर में लटक जाती है व्यवस्था
एम-शिक्षामित्र की व्यवस्था पिछले तीन वर्ष से लागू करने का आदेश जारी हो रहा है लेकिन हर साल शिक्षकों के विरोध के चलते यह व्यवस्था फेल हो रही है। इस बार भी कुछ ऐसी ही स्थिति है। तमाम कोशिश के बावजूद शिक्षा अधिकारी इस बार भी यह व्यवस्था लागू नहीं कर पा रहे हैं।