
रीवा. मोदी ने चाय की दुकान खोली थी या नहीं, यह बहस तो सुर्खियों में बनी रहती है। परंतु भारत की इस बेटी ने अवश्य चाय एवं समोसे की छोटी सी दुकान चलाकर अपने बड़े परिवार का न केवल पेट पालती है बल्कि दो बेटों एवं चार बेटियों के पढ़ाई का पूरा खर्च भी उठा रही है।
रीवा जिले के नगर परिषद नईगढ़ी के वार्ड-9 में निवास करने वाली रामरती हलवाई उम्र 55 वर्ष बताती हैं कि जब वे शादी के बाद आई थीं तो पति के पास कोई काम नहीं था। जिससे उनके सामने गृहस्थी चलाने की समस्या थी। उन्होंने पति के सामने चाय की दुकान खोलने का प्रस्ताव किया लेकिन वे इसके लिए तैयार नहीं थे। लेकिन इसके बाद भी रामरती ने हिम्मत नहीं हारीं और घर के पास ही एक छोटी से गुमटी में चाय की दुकान खोली। इसके बाद वे चाय एवं समोसा दोनों बनाने लगी। उनकी मेहनत रंग लाई और दुकान चल निकली।
28 साल से किराए में दुकान
रामरती ने पीछे मुडक़र नहीं देखा और 28 वर्षों से किराए के दुकान में चाय-समोसे बेचकर कर अपने 4 बच्चियों और 2 बच्चों की पढ़ाई की जिम्मेदारी संभालते हुए पूरे परिवार के भरण-पोषण का दायित्व निभा रही हैं। दो बच्चे अंकित और शिवम कॉलेज में तथा बेटियां अंकिता, निक्की, रितिका, पलक 10वीं से 12वीं तक की कक्षाओं में पढ़ रही हैं। रामरती ने पूरे विश्वास सेे कहा कि वे अपनी बेटियों को पढ़ा-लिखाकर अफसर बनाएंगी, जिससे उन्हें चाय नहीं बेचनी पड़े।
नहीं हारी हिम्मत
रामरती ने बताया कि इस पेशे में कई बार लोगों ने व्यवधान पैदा करने की काम किया लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और संघर्ष किया। अब इतना कमा लेती हैं कि बच्चों की पढ़ाई औैर खाना-खर्चा चल जाता है। हालांकि छह बच्चों की परवरिस चाय बेचकर करना मुश्किल हो रहा है। लेकिन जब सुना कि प्रधानमंत्री ने मोदी ने चाय बेची है तो हमारा भी हौसला बढ़ गया है।