
women day-India's top10 company of left job, career created in politic
रीवा. इंजीनियर प्रीति वर्मा हरिजन परिवार से आती हैं। अकाउंटेट मां की प्रेरणा से मिलेनियम इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी भोपाल से बीई सिविल इंजीनियर की डिग्री हासिल की। इसके बाद खुद की प्रीति कंस्ट्रक्शन कंपनी स्थापित कर सिविल वर्क शुरू किया। इसी बीच नौकरी करने की इच्छा जागी तो भारत की टॉप-10 कंस्ट्रक्शन कंपनी गैमन इंडिया में सिविल इंजीनियर की नौकरी हासिल कर ली। यहां दो साल तक कार्य किया, परंतु मां की इच्छा थी कि राजनीति में आए। इसीलिए उन्होंने निश्चय किया कि राजनीति में आकर समाज की सेवा करेंगी। उन्होंने नौकरी छोड़ दी और रीवा आकर कांग्रेस पार्टी ज्वाइन कर लिया। वर्तमान में महिला कांग्रेस की जिला महामंत्री के पद पर रहकर कार्य कर रही हैं।
रीवा जिले के मनगवां तहसील अंतर्गत ग्राम जोड़ौरी में 10 जुलाई 1991 को जन्मी प्रीति की प्राथमिक शिक्षा ननिहाल सिरमौर में हुई। इसके बाद गीता ज्योति स्कूल रीवा से 10वीं व 12वीं उत्तीर्ण किया। सिविल इंजीनियर की शिक्षा उन्होंने राजीव गांधी यूनिवर्सिटी हॉस्टल भोपाल में रहकर हासिल की। पिता सुरेंद्र कुमार वर्मा सेमरिया में समिति प्रबंधक हैं और माता रामबाई साकेत रीवा में सीनियर अकाउंटेंट हैं। चार भाई-बहनों में प्रीति तीसरे नंबर की हैं। बड़ी बहन खुशबू की शादी हो गई है और एक भाई कुलदीप सिविल इंजीनियर हैं एवं छोटे भाई कुलदीप 10वीं में पढ़ते हैं।
राजनीति को बनाया कैरियर
प्रीति बताती हैं कि छात्र जीवन से ही उन्हें राजनीति से लगाव था, इसलिए वे स्कूल व कॉलेज में चुनाव के दौरान राजनीतिक गतिविधियों में बढ़-चढक़र हिस्सा लेती थीं। अब पूरी तरह से राजनीति को करियर बना लिया है। वर्तमान में कांग्रेस में जिला महिला महामंत्री हैं और आगे पार्टी में बड़ा मुकाम हासिल करने का लक्ष्य है। उन्होंने बताया कि परिवार के लोगों का उन्हें पूरा सपोर्ट मिलता है। प्रीति ने कहा कि लगन व संघर्ष करने का जज्बा हो तो हर मुश्किल आसान हो जाती है। युवाओं को अपने अंदर आत्मविश्वास पैदाकर मंजिल की तरफ बढऩा होगा।
Published on:
08 Mar 2018 12:40 pm
