- अजय सिंह राहुल को सीएम पद की दौड़ से बाहर बताए जाने पर नाराज थे कार्यकर्ता
रीवा। कांग्रेस महासचिव दीपक बावरिया को रीवा में कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। उन्होंने प्रेस कांफ्रेंस में यह घोषणा कर दी कि पार्टी की सरकार बनी तो सीएम कमलनाथ अथवा ज्योतिरादित्य सिंधिया बनेंगे। इस पर कार्यकर्ताओं का आक्रोश फूट पड़ा। पहले राजनिवास के बाहर नारेबाजी की गई, बाद में कार्यकर्ता उस कक्ष में जा घुसे जहां पर बावरिया टिकट के दावेदारों से वनटूवन चर्चा कर रहे थे।
करीब दो दर्जन की संख्या में एक साथ कार्यकर्ता पहुंच गए, जिन्होंने बावरिया से सवाल किया कि उनकी ओर से सीएम पद के प्रत्याशी के नाम का ऐलान कैसे कर दिया गया। पहले बात शांतिपूर्ण तरीके से चल रही थी, बाद में बढ़ती भीड़ को देखते हुए बावरिया ने सभी को बाहर करने के लिए निर्देश दिया। उनके साथ मौजूद लोगों ने कार्यकर्ताओं को बाहर निकालने का प्रयास किया।
इसी बीच कुछ कार्यकर्ताओं ने बावरिया के साथ भी धक्कामुक्की कर दी। कहा जा रहा है कि किसी ने थप्पड़ भी जड़ दिया। हालांकि इन मारपीट जैसी घटना से बावरिया और कांग्रेस के नेताओं ने इंकार किया है। कहा गया है कि पार्टी के कुछ कार्यकर्ता अपनी बात रखना चाह रहे थे, भीड़ के चलते उन्हें बाहर जाने के लिए कहा गया।
विवाद के बाद भी कार्यकर्ताओं से मिले
कुछ समय के लिए राजनिवास परिसर में सनाका ङ्क्षखच गया। हंगामा मचाने वाले कार्यकर्ता बाहर चले गए। वह अजय सिंह जिंदाबाद के नारे भी लगा रहे थे। मामला शांत हुआ तो बावरिया बाहर निकले और टिकट के दावेदारों से मिले।
प्रेस कांफ्रेंस में यह बोला था बावरिया ने
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी दीपक बावरिया ने सीएम पद के प्रत्याशी को लेकर चल रही अटकलों पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार बनी तो पार्टी के पास केवल दो चेहरे ही हैं जिसमें से कोई एक मुख्यमंत्री बनेगा। इसमें कमलनाथ और ज्योतिरादित्य सिंधिया का नाम शामिल है। रीवा में प्रेस कांफ्रेंस में सवालों का जवाब देते हुए कहा कि पार्टी ने पहले ही संकेत दे दिया है।
विंध्य में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह को बतौर सीएम प्रत्याशी के रूप में कार्यकर्ता देख रहे हैं इस कारण अटकलबाजी पर बावरिया ने विराम लगाते हुए कहा कि जब दो नाम हैं तो तीसरे की गुंजाइश ही नहीं बचती।
इसके अलावा गठबंधन को लेकर कहा कि हमारी समान विचारधारा वाले दलों के साथ चर्चाएं चल रही हैं, गठबंधन का प्रारूप केन्द्रीय नेतृत्व तय करेगा। मध्यप्रदेश की परिस्थितियों से संगठन को अवगत करा दिया है। विधानसभा टिकट के लिए ६० साल की आयु सीमा निर्धारित करने के फार्मूले पर कहा कि आधिकारिक रूप से ऐसा बयान नहीं दिया। पार्टी के पुराने लोगों से अनुरोध किया था कि जो लंबे समय से चुनाव लड़ रहे हैं और महत्वपूर्ण पदों पर भी रहे हैं वह स्वयं नए चेहरों के लिए स्थान छोड़ें और संगठन के लिए अपना योगदान दें।
टिकट वितरण में कहा कि नए चेहरे इस बार अधिक होंगे। इसमें ऐसा नहीं होगा कि सब युवा ही होंगे। बहुत सारे ऐसे कार्यकर्ता हैं जो पूरी उम्र पार्टी के लिए बिता देते हैं और उन्हें अवसर नहीं मिलता। कई स्तर पर पार्टी विधानसभा क्षेत्रों में मूल्यांकन करा रही है, जो सर्व स्वीकार्य होगा उसे ही टिकट मिलेगा।
पार्टी के भीतर गुटबाजी पर कहा कि लंबे समय से सत्ता से बाहर रहने के चलते अब सीख मिली है, हर कोई एक साथ मिलकर चुनाव लड़ेंगे और इस बार जीतेंगे। जनता ने तय कर लिया है कि इस बार भाजपा को हटाना ही है। ईवीएम को लेकर एक बार फिर कांग्रेस नेता ने सवाल उठाए और कहा कि लगातार जो चुनाव भाजपा जीत रही है उसमें प्रशासनिक मशीनरी का उपयोग सरकार करती रही है।