शहर में करीब 67 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। अगस्त में 59800 बिजली उपभोक्ताओं की फोटो रीडिंग ली गई।
रीवा. गलत मीटर रीडिंग की वजह से उपभोक्ताओं एवं बिजली विभाग को परेशानी उठानी पड़ती थी। इस समस्या से निपटने के लिए विभाग ने मई महीने में फोटो रीडिंग का काम शुरू किया लेकिन अफसोस की बात यह है कि काम शुरू होने के चार महीने बाद भी व्यवस्था पटरी पर नहीं आ पाई है।
हालत यह है कि अभी भी करीब सात हजार से ज्यादा उपभोक्ताओं की फोटो रीडिंग नहीं हो पा रही है। मई माह से शुरू हुआ फोटो रीडिंग का काम मंद गति से चल रहा है। शहर में करीब 67 हजार बिजली उपभोक्ता हैं। मई माह से फोटो रीडिंग का काम शुरू हुआ है।
पहले महीने करीब 45 हजार फोटो रीडिंग ली जा सके। 22 हजार उपभोक्ता छूट गए। जून में भी ज्यादा सुधार नहीं हुआ महज दो हजार फोटो रीडिंग बढ़ी। जुलाई में थोड़ा सुधार हुआ और आंकड़ा 53 हजार तक पहुंच गया। अगस्त में काफी सुधार हुआ है। 59800 बिजली उपभोक्ताओं की फोटो रीडिंग ली गई।
हालांकि अभी भी करीब सात हजार उपभोक्ता छूट रहे। जो बहुत बड़ा आंकड़ा है। उम्मीद जताई जा रही है कि आने वाले दिनों में सुधार होगा।
बिजली विभाग सभी उपभोक्ताओं की फोटो मीटर रीडिंग लेने मशक्कत कर रहा है। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक क्रमश: आंकड़ा बढ़ रहा है। आने वाले कुछ दिनों में शत प्रतिशत फोटो रीडिंग होने लगेगी।
फिल्ड में काम कर रहे कर्मचारियों की तकनीकी समझ बढऩे के बाद तेजी से काम होगा। इसके साथ ही जिन उपभोक्ताओं का पता एवं मोबाइल नंबर सही नहीं है उसमें सुधार का काम चल रहा है। जिससे सभी उपभोक्ताओं तक मीटर वाचक पहुंचे सकें।
उपभोक्ताओं को भी जागरुक होने की जरूरत है। यदि उनके यहां फोटो रीडिंग नहीं ली जाती तो वे कार्यालय में सूचना दे सकते हैं। इस प्रकार फोटो रीडिंग का आंकड़ा बढ़ेगा।
फोटो रीडिंग में मीटर वाचक मीटर की फोटो खींचकर बिजली विभाग के एप पर डालता है। मीटर वाचकों को इसके लिए प्रशिक्षित किया गया है। इससे मीटर रीडिंग में गड़बड़ी करने की संभावना पूरी तरह से समाप्त हो जाएगी। इसी उद्देश्य के साथ शुरुआत की गई है।
मीटर वाचकों की मनमानी पर भी लगाम लगाने के लिए विभाग ने यह तरीका अपनाया है लेकिन जब तक शत प्रतिशत उपभोक्ताओं को इसका लाभ नहीं मिल जाता तब तक लोगों को परेशानी पहले की तरह बनी रहेगी।
महीनेवार फोटो रीडिंग
माह फोटो रीडिंग
मई 45200
जून 47560
जुलाई 53320
अगस्त 59800
(ऑकड़े बिजली विभाग से लगभग में)
शत प्रतिशत फोटो रीडिंग का लक्ष्य पूरा करने में कई प्रकार की समस्या आ रही है। बताया जा रहा है कि उपभोक्ताओं का पता एवं मोबाइल नंबर सही नहीं है। जिसकी वजह से उन तक कर्मचारी नहीं पहुंच पा रहे हैं। कुछ उपभोक्ता ऐसे हैं जो विद्युत कनेक्शन लेते समय दूसरे पते पर रहते थे अब उनका पता बदल चुका है।
ऐसे में फोटी रीडिंग लेने वाले कर्मचारी उन तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। ऐसे उपभोक्ताओं को बिजली कार्यालय में संपर्क कर अपना मोबाइल नंबर एवं पता अपडेट कराए। सही पता होने पर मीटर वाचक वहां तक पहुंच सकेगा। मीटर वाचकों को उपभोक्ताओं के पते तक पहुंचने में दिक्कत हो रही है।