60 फीसदी अंक की बाध्यता समाप्त....
रीवा। टीआरएस के साथ ही प्रदेश के सभी उत्कृष्ट कॉलेजों में स्नातक में प्रवेश के लिए निर्धारित 60 फीसदी अंक की बाध्यता को समाप्त कर दिया गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने बुधवार को इस संबंध में निर्देश जारी कर दिया है। रीवा में छात्रों के उग्र आंदोलन के मद्देनजर विभाग के शासन स्तर के अधिकारियों ने छात्रहित में यह फैसला लिया।
छात्रों के लिए एनएसयूआइ ने शुरू किया आंदोलन
टीआरएस कॉलेज में सीट रिक्त होने के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र हायर सेकंड्री में 60 फीसदी अंक नहीं होने के चलते प्रवेश से वंचित हो रहे थे। वस्तुस्थिति को देखते हुए एनएसयूआइ ने छात्रों का समर्थन करते हुए अंक की अनिवार्यता को समाप्त करने की मांग की। सप्ताहभर पहले शुरू हुआ एनएसयूआइ का आंदोलन सोमवार को उस समय उग्र हो गया, जब छात्रों को शासन-प्रशासन की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिला।
छात्रों की मांग पर कलेक्टर भी हुईं सक्रिय
छात्रों के उग्र आंदोलन को देखते हुए कलेक्टर प्रीति मैथिल शासन स्तर के अधिकारियों से बात की। आश्वासन तो मंगलवार को आदेश जारी होने का मिला था लेकिन एक दिन देरी से बुधवार को अर्हकारी कक्षा में 60 फीसदी की अनिवार्यता को छात्रहित में शिथिल करने का आदेश जारी कर दिया गया। एनएसयूआइ के जिलाध्यक्ष अनूप सिंह चंदेल व छात्रसंघ अध्यक्ष योगिता सिंह परिहार ने इसे छात्रों की जीत बताते हुए कलेक्टर को धन्यवाद ज्ञापित किया है।
छात्रों के पास आज तक है प्रवेश का मौका
प्रवेश के बावत कॉलेज में आवेदन करने की अंतिम तिथि से ठीक एक दिन पहले अंकों की अनिवार्यता से राहत दी गई है। स्नातक कक्षाओं में प्रवेश के लिए पंजीयन कराने वाले छात्र नौ अगस्त को टीआरएस कॉलेज में आवेदन कर सकते हैं। कॉलेज लेवल काउंसिलिंग (सीएलसी) राउंड के तहत कॉलेज में प्रवेश के लिए आवेदन करने की अंतिम तिथि नौ अगस्त घोषित की गई है। इसके बाद छात्रों को मौका नहीं मिलेगा।
टीआरएस के साथ दूसरे कॉलेजों को भी राहत
प्रवेश में 60 फीसदी अंक की अनिवार्यता से टीआरएस कॉलेज के साथ प्रदेश के दूसरे सात उत्कृष्ट महाविद्यालयों को राहत मिली है। वहां भी प्रवेश के लिए अंक की अनिवार्यता समाप्त कर दी गई है। गौरतलब है कि 60 फीसदी अंक की अनिवार्यता केवल उत्कृष्ट महाविद्यालयों के लिए है। टीआरएस के साथ शासकीय एमएलबी कला एवं वाणिज्य महाविद्यालय ग्वालियर, शासकीय नर्मदा महाविद्यालय होशंगाबाद, शासकीय होलकर विज्ञान महाविद्यालय इंदौर, शासकीय विज्ञान महाविद्यालय जबलपुर, शासकीय पीजी कॉलेज, मुरेना, शासकीय कन्या पीजी कॉलेज सागर व शासकीय कन्या पीजपी कॉलेज उज्जैन को भी अंक की अनिवार्यता से राहत मिली है।