अस्पताल से डॉक्टर और नर्स नदारद, महिला सफाईकर्मी चला रही अस्पताल
रीवा. प्रदेश के मुखिया शिवराज सिंह चौहान की भांजियां व बहनें असुरक्षित हैं। उनको स्वास्थ्य सुविधा नहीं मिल रही है। बिडम्बना यह है कि कस्बों के अस्पतालों में सुविधाएं नदारद हैं। न तो चिकित्सक हैं और न ही नर्से व दवाइयां। सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र बैकुण्ठपुर में पहुंची गर्भवती महिला जमीन पर पड़ी कराह रही थी। लेकिन उसके इलाज के लिए कोई डॉक्टर व नर्से मौजूद नहीं थी। बताते हैं कि एक नर्स सादे ड्रेस में थी और उसने मरीजों को देखने से परहेज कर रखा था।
जानकारी के अनुसार तीन गर्भवती महिलाएं अस्पताल में भर्ती हुई थीं। जिसमें डिहिया की रीतू पटेल जमीन पर पड़ी तड़प रही थी। कचूर से गुडिय़ा विश्वकर्मा 30 वर्ष एवं सौर से सुधा साकेत अस्पताल आई थीं। जिनकों देखने वाला कोई नहीं था। कुल दस महिला मरीज अस्पताल में भर्ती थीं जिनमें से कुछ महिलाओं की डिलीवरी हो चुकी थी।
बेपटरी हुई अस्पताल की व्यवस्था
प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बैकुंठपुर की व्यवस्था बेपटरी हो गई है। जहां मरीजों के साथ खिलवाड़ हो रहा है। अस्पताल में न चिकित्सक थे और न ही नर्से थीं। अस्पताल केवल कम्प्यूटर आपरेटर एवं सफाई कर्मी महिला थी। दोपहर 2.50 बजे मेडिकल आफीसर गर्ग अपने केबिन में मौजूद नहीं थे। जब किसी ने नर्स को सूचना दी तो वह बिना ड्रेस के साथ अस्पताल पहुच गई। अस्पताल की व्यवस्था सुधारने की मांग सीएमएचओ रीवा से की गई है।
पत्रिका खबर का असर, बेड पर नए गद्दे
पत्रिका खबर का असर विभाग पर हुआ जिससे अस्पताल के बेडों पर नए गद्दे पहुंच गए। साथ ही वर्षों से खुली खिड़कियों में नई जलियां लगा दी गई है। बता दें कि अस्पताल में गद्दे और चद्दर फटे हुए थे। जिससे मरीजों को चद्दर घर से लेकर आना पड़ता था। वहीं खिड़कियों की जालियां टूटी थी। जिसको पत्रिका ने प्रमुखता से उठाया और उसका असर यह हुआ की नए गद्दे, चद्दर के साथ खिड़कियों में जालियां भी लग गई हैं। साथ ही भोजन व्यवस्था भी बनाई गई है।
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गर्भवती महिला के डिलेवरी के समय हम मौके पर खुद गए थे, जहां उसकी सामान्य डिलेवरी हुई थी। व्यवस्था सुधारी जा रही है। नर्स बिना ड्रेस में थी इसकी रिपोर्ट हम आगे भेजेंगे।
- डॉ एमएस सिद्दीकी
मेडिकल आफीसर बैकुंठपुर, रीवा