MP news: मध्य प्रदेश के रीवा से एक टीचर का शर्मनाक वीडियो वायरल होने से बवाल मच गया। कलेक्टर प्रतिभा पाल ने जिला शिक्षा अधिकारी रामराज मिश्रा को फटकार लगाई और जाँच के आदेश दिए।
MP news: मध्य प्रदेश के रीवा से चौंका देने वाला मामला सामने आया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हुआ है, जिसमें सरकारी स्कूल की शिक्षिका बच्चे से हाथ का पंखा चलवाती हुई नजर आ रही है। दावा है कि यह वीडियो त्योंथर क्षेत्र के एक शासकीय माध्यमिक विद्यालय पनासी का है। वीडियो मंगलवार का बताया जा रहा है। शिक्षिका स्कूल की प्रिंसिपल बताई जा रही है ,हालांकि, इसकी आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
दावे के अनुसार शिक्षिका का नाम वर्षा मांझी बताया जा रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि वह ईयरफोन लगाकर गाना सुनने में व्यस्त हैऔर उसके पास खड़ा छठवीं कक्षा एक छात्र पंखा चलाकर हवा दे रहा है। इस दावे के बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के निर्देश दिए हैं और कहा है कि यदि सोशल मीडिया का दावा सही पाया गया तो संबंधित शिक्षिका के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद रीवा कलेक्टर प्रतिभा पाल ने जिला शिक्षा अधिकारी रामराज मिश्रा को फटकार लगाई। कलेक्टर ने इस पूरे मामले की जांच के आदेश दिया और जल्द से जल्द रिपोर्ट मांगी है। साथ ही कहा है कि यदि बच्चों को पढ़ाने के बजाए इस तरह का आचरण शिक्षकों की ओर से किया जाता है तो इस पर संबंधित के विरुद्ध सख्त कार्रवाई का प्रस्ताव भी भेजें।
जिला शिक्षा अधिकारी रामराज मिश्रा ने जानकारी दी कि जांच के लिए 3 सदस्यीय कमेटी बनाई गई है। टीम स्कूल में जाकर सभी छात्रों से बातचीत करेगी। इसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
वीडियो के वायरल होने के बाद छात्रों के परिजन चिंतित नजर आ रहे है। उनका कहना है कि वह पिछड़े समाज से आता है। उन्होंने कहा कि हमने शिक्षिका के खिलाफ कोई भी शिकायत नहीं की ताकि बच्चों का भविष्य खराब न हो।
मामले का पता चलते ही अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद् (ABVP) के कार्यकर्ताओं में गुस्सा देखने को मिला। उन्होंने शिक्षिका पर कार्रवाई करने की मांग की। एबीवीपी ने कहा कि स्कूलों के अंदर ऐसे मामले बढ़ते जा रहे है और जिला शिक्षा अधिकारी धृतराष्ट्र बने बैठे है। परिषद् ने आरोप लगाया कि डीईओ की अनदेखी की वजह से आज टीचर और प्रिंसिपल, छात्र-छात्रों को अपना नौकर समझ बैठे है। उन्होंने कहा कि वह दिन दूर नहीं है जब शिक्षक बच्चों से हाथ-पैर भी दबाने को कहेंगे।