विशेषज्ञों ने दी गई जानकारी...
रीवा. टीआरएस कॉलेज में रेडक्रॉस सोसायटी की ओर से चार दिवसीय चिकित्सा प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया है। गुरुवार को कार्यशाला के उद्घाटन अवसर पर सोसायटी के चेयरमैन डॉ. एचपी सिंह बतौर मुख्य अतिथि उपस्थित रहे।
डॉ. एचपी सिंह ने अपने संबोधन में कहा कि व्यक्ति की वास्तविक प्रसन्नता दूसरों की मदद करने से मिलती है। यह बात और है कि लोग खुशी की तलाश में न जाने क्या-क्या करते हैं। उन्होंने कहा कि यह जरूरी नहीं है कि धन से ही लोगों की मदद की जाए। शरीर व बुद्धि से भी मदद करना संभव है। डॉ. सिंह ने कहा कि आपत्ति की दशा में लोगों की मदद करने के लिए लोगों को जानकारी होनी चाहिए।
कॉलेज में आयोजित कार्यशाला इसी उद्देश्य से आयोजित की जा रही है कि लोगों को आपदा की स्थिति में लोगों की मदद करने के लिए प्रशिक्षण प्राप्त कर सकें। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता कर रहे कॉलेज प्राचार्य डॉ. रामलला शुक्ल ने अपने उद्बोधन में कहा कि सेवा, विश्वास और धारणा के माध्यम से छात्र समाज सेवा के क्षेत्र में सक्रिय होंगे, तो यह देश व समाज के लिए बड़ी उपलब्धि होगी। उन्होंने कार्यशाला में पूरी तन्मयता के साथ प्रशिक्षण प्राप्त करने के लिए छात्रों को प्रेरित किया।
कॉलेज के डॉ. अखिलेश शुक्ला के संयोजन में आयोजित कार्यकम में बतौर विशिष्ट अतिथि डॉ. ज्योति सिंह ने किशोरावस्था में बालिकाओं को पौष्टिक पोषण की आवश्यकता व महत्व को समझाते हुए कहा कि कार्यशाला में उन्हें बताए जाने वाले इन बिन्दुओं पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत होगी। कार्यक्रम में सोसायटी के सचिव डॉ. आनंद महेंद्रा, स्वास्थ्य विभाग के संयुक्त संचालक डॉ. एसके सालम, मेडिकल कॉलेज के डॉ. लोकेश त्रिपाठी, डॉ. सीपी दुबे, डॉ. प्रदीप त्रिपाठी, अशोक श्रीवस्ताव, डॉ. गुंजन सिंह, डॉ. इस्लाम बक्स, प्रो. शिव बिहारी कुशवाहा, डॉ. शिल्पी जैन, प्रो. अर्पिता मिश्रा, राजकुमारी पाण्डेय व अमित मिश्र सहित अन्य चिकित्सक, प्राध्यापक व भारी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहीं।
तकनीकी सत्र में दी गई जानकारी
कार्यशाला के उद्घाटन सत्र के बाद तकनीकी सत्र में विशेषज्ञों की ओर से छात्रों को विभिन्न विषयों पर जानकारी दी गई। डॉ. सीडी द्विवेदी ने मानव शरीर की रचना एवं प्रमुख अंगों के बारे में जानकारी दी। डॉ. लोकेश त्रिपाठी ने रक्त, रक्त निर्माण, रक्त के प्रकार, रक्त दान, रक्त दान के बारे में बताया। डॉ. अखिलेश शुक्ल ने शोध में पाए गए परिणामों के आधार पर रक्तदान के फायदे बताए। साथ कार्यशाला के उद्देश्य पर प्रकाश डाला।