आदिवासी के साथ हुई थी मारपीट, पुलिस विभाग में मंचा हड़कम्प
रीवा।सौनारी पुलिस चौकी में एफआइआर लिखने रिश्वत मांगने वाले पुलिस अधिकारी को विशेष न्यायाधीश संदीप श्रीवास्तव ने साल की पांच सजा सुनाते हुए बुधवार को जेल भेज दिया। चार साल पहले सौनारी चौकी में पदस्थ एसआई हरीश्चंद्र शुक्ला ने दो हजार रुपए रिश्वत आदिवासी बिहारीलाल से एफआइआर लिखने के लिए मांगी थी। शिकायत पर लोकायुक्त ने एएसआई को पंद्रह सौ रुपए लेते सोहागी चौराहें में पकड़ा था।
अभियोजन ने बताया वर्ष 2014 में आदिवासी बिहारीलाल ने मारपीट की शिकायत सोनौरी थाना में की। इस पर पुलिस ने एफआइआर कायम नहीं किया। जबकि बिहारीलाल के विरुद्ध हुई शिकायत में धारा 323, 294, 506बी का मामला दर्ज कर लिया। बिहारी लाल ने अपनी शिकायत में एफआइआर दर्ज नहीं करने के संबंध में पूछा तो एएसआई दो हजार रुपए रिश्वत एफआइआर लिखने के लिए मांगे। इसकी शिकायत बिहारीलाल ने लोकायुक्त एसपी से की। शिकायत सही पाने पर लोकायुक्त पुलिस ने 27 अगस्त 2014 को सोहागी चौराहे में पंद्रह सौ रुपए रिश्वत लेते लोकायुक्त ने एएसआई को गिरफ्तार कर लिया। लोकायुक्त की ओर अभियोजन अधिकारी संजीव श्रीवास्तव एवं सहायक अभियोजन अधिकारी सचिव द्विवेदी द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य पर न्यायालय में आरोप सिद्ध पाए है। इस पर न्यायालय ने आरोपी को रिश्वत मांगने केे लिए भ्रष्टाचार निवारण की धारा 7 में चार साल एवं पांच हजार रुपए एवं रिश्वत लेने के 5 साल सश्रम कारावास एवं पांच हजार अर्थदंड की सजा सुनाई है।