सुबह से ही लग गई लंबी लाइन...
रीवा। भोर से ही मंदिरों में आस्था का जनसैलाब उमड़ पड़ा। शिवालयों में बम-बम भोले, जय भोले बाबा व ऊं नम: शिवाय जैसे उद्घोष गूंजने लगे। मंदिरों में भीड़ देखकर ऐसा जान पड़ा कि शहर का हर शख्स सावन के पहले सोमवार को भगवान भोलेनाथ का दर्शन करने को बेताब है। सुबह से शुरू हुआ पूजा-अर्चना का कार्यक्रम शाम तक अनवरत चलता रहा। श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए जिला प्रशासन की ओर से सुरक्षा व्यवस्था भी चौकस रही।
मंदिरों में पूरे दिन चली पूजा अर्चना
भोर से शुरू शुभ बेला में भक्तों ने भगवान शिव का अभिषेक कर पुष्प व बेलपत्र सहित भोलेनाथ को प्रिय अन्य सामग्री अर्पित किया। शहर में जहां महामृत्युंजय धाम, कोठी कंपाउंड मंदिर व चिरहुला मंदिर में पूरे दिन भक्तों की पूजा-अर्चना चली। वहीं ग्रामीण अंचल में देवतालाब मंदिर, कष्टहरनाथ व ढुंढेश्वरनाथ सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ शिव के दर्शन को पहुंची। मंदिरों में रूद्राभिषेक व महामृत्युंजय जाप सहित अन्य आयोजन में कराए गए।
दान-पुण्य के साथ भंडारे का भी आयोजन
मंदिरों में पूजा-अर्चना के साथ ही श्रद्धालुओं की ओर से दान-पुण्य का कार्य भी किया। इसके साथ ही प्रसाद वितरण के लिए जगह-जगह भंडारे का आयोजन भी हुआ। सावन महीने की शुरुआत के साथ ही यह सिलसिला सभी सोमवार को जारी रहेगा। प्रत्येक सोमवार को भगवान भोलेनाथ के दर्शन के लिए अलग-अलग मुहुर्त है। वैसे तो लोग कभी भी शिव का दर्शन कर पुण्य लाभ प्राप्त कर सकते हैं। लेकिन विशेष मुहुर्त में पूजा का विशेष लाभ होगा।
शिव पूजन के लिए पूरे दिन रहा शुभ मुहूर्त
शिव की पूजा-अर्चना के लिए सोमवार को श्रद्धालुओं के लिए बेहतर बात यह रही कि पूरे दिन शुभ मुहुर्त रहा। अमृत चौघडिय़ा यानी भोर में सुबह 5.36 से 7.15 बजे तक, शुभ चौघडिय़ा स़ुबह 8.54 बजे से 10.32 बजे तक, लाभ चौघडि़य़ा दोपहर 3.29 बजे से 5.07 बजे तक और फिर से अमृत चौघडिय़ा सायं 5.07 बजे से 6.46बजे तक रही।