
रीवा. प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ व विश्वविद्यालयीन प्राध्यापक संघ ने सामूहिक रूप से सातवें वेतनमान के लिए हड़ताल पर जाने का निर्णय लिया है। संघ पदाधिकारियों की ओर से लिए गए निर्णय के तहत प्राध्यापकों की हड़ताल चरणबद्ध होगी। हड़ताल पर जाने के बाद प्राध्यापक प्रवेश प्रक्रिया से भी विरत रहेंगे।
पांच जुलाई से शुरू होगा आंदोलन
महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ के अध्यक्ष डॉ. महेश शुक्ला की अध्यक्षता में टीआरएस कॉलेज में आयोजित बैठक में निर्णय लिया गया है कि प्राध्यापक सबसे पहले तीन जुलाई को बैठक करेंगे। इसके बाद पांच जुलाई से आंदोलन शुरू होगा। आंदोलन के तहत 11 जुलाई तक प्राध्यापक अवकाश के दिनों में प्रवेश प्रक्रिया का बहिष्कार करेंगे और प्रक्रिया में शामिल नहीं होंगे। इसके साथ ही शाम चार से पांच बजे तक हर रोज कार्य का बहिष्कार कर सार्वजनिक स्थल पर धरना देंगे। इसके बाद 12 से 20 जुलाई तक प्रवेश कार्य का दोपहर तीन बजे से शाम पांच बजे तक बहिष्कार करेंगे।
23 जुलाई से सामूहिक अवकाश पर जाएंगे
इसके बावजूद उनकी मांग नहीं मानी गई तो प्राध्यापक 23 जुलाई से सामूहिक अवकाश पर चले जाएंगे। संभागीय अध्यक्ष महेश शुक्ला के मुताबिक विश्वविद्यालयीन संघ के अध्यक्ष प्रो. एपी मिश्रा, सचिव आरएन स्वर्णकार, प्रो. एचएन गौतम, प्रो. पीके जैन, प्रो. टीपी सिंह, प्रो. रमेश श्रीवास्तव, प्रो. संजय सिंह परिहार, प्रो. सुरेंद्र सिंह परिहार सहित अन्य प्राध्यापकों ने भी आंदोलन का समर्थन किया है। गौरतलब है कि प्राध्यापक पिछले कई महीनों से यूजीसी की ओर से अनुमोदित सातवें वेतनमान की मांग कर रहे हैं। लेकिन राज्य शासन में प्रस्ताव लंबित है।
प्रधानाध्यापक भी बना रहे रणनीति
मप्र. राजपत्रित प्रधानाध्यापक प्रादेशिक संघ के जिला इकाई की रविवार को स्वामी विवेकानंद पार्क में बैठक आयोजित की गई है। जिलाध्यक्ष बाला प्रसाद तिवारी के मुताबिक, शाम चार बजे आयोजित बैठक में सभी विकासखंडों के प्रधानाध्यापक शामिल होंगे। बैठक में संगठन की गतिविधियों के साथ विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की जाएगी। साथ ही आगे की रणनीति तय की जाएगी।