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प्राचार्यों व शिक्षकों पर भारी पड़ेगी ये लापरवाही, हो सकती है बड़ी कार्रवाई

केवल पांच फीसदी छात्र पहुंचे...

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रीवा

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Ajit Shukla

Jun 24, 2018

Baseline test of school education fail, few students present in Rewa

Baseline test of school education fail, few students present in Rewa

रीवा। शासन स्तर से निर्धारित समय सीमा के भीतर अधिकतम पांच फीसदी छात्र टेस्ट में शामिल हो सके हैं। बात कक्षा आठवीं उत्तीर्ण कर नवीं में प्रवेश लेने वाले छात्र-छात्राओं के लिए आयोजित किए गए बेसलाइन टेस्ट की कर रहे हैं। इसे प्राचार्यों की उदासीनता का नतीजा माना जा रहा है।

25 जून से ब्रिज कोर्स शुरू
स्कूल शिक्षा विभाग ने बेसलाइन टेस्ट के लिए 21, 22 व 23 जून की तिथि निर्धारित किया था। लेकिन गणित, अंग्रेजी व हिन्दी विषय का टेस्ट देने छात्र स्कूल ही नहीं पहुंचे हैं। हालांकि जैसे-जैसे छात्र स्कूल पहुंचते हैं, छात्रों के टेस्ट लेने का सिलसिला जारी रखने का निर्देश है। लेकिन प्राचार्य इस बात को लेकर परेशान हैं कि 25 जून से शुरू होने वाले ब्रिज कोर्स वह पढ़ाएंगे किसे। क्योंकि तमाम प्रयास के बावजूद छात्र स्कूल नहीं पहुंच रहे हैं।

हर रोज चलेगी आठ कक्षाएं
गौरतलब है कि स्कूलों में 25 जून से 31 जुलाई तक कक्षा नवीं के छात्र-छात्राओं के लिए ब्रिज कोर्स संचालित करने का निर्देश है। कोर्स के तहत हर रोज आठ कक्षाएं संचालित होंगी। गणित, अंग्रेजी व हिन्दी की दो-दो कक्षाएं व विज्ञान की एक कक्षा हर रोज संचालित होगी। इसके अलावा सामाजिक विज्ञान व संस्कृत की एक दिन के अंतराल पर एक कक्षा संचालित किए जाने का निर्देश है।

अगस्त में होगा इंडलाइन टेस्ट
निर्धारित शेड्यूल के मुताबिक करीब महीने भर हर रोज आठ कक्षाएं संचालित कर छात्रों को पढ़ाने के बाद एक, दो व तीन अगस्त को उनक इंडलाइन टेस्ट लिया जाएगा। टेस्ट में संतोषजनक प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सामान्य बच्चों की कक्षा में शामिल कर लिया जाएगा। लेकिन जिनका प्रदर्शन बेहतर नहीं होगा। उन्हें सामान्य कक्षा के साथ हर रोज दो कक्षा रेमेडियल की लेना होगा। ताकि उन्हें बेहतर ढंग से तैयार किया जा सके।

शिक्षकों ने लिया प्रशिक्षण
ब्रिज कोर्स में छात्रों को किस तरह पढ़ाना है, शिक्षकों को इस बावत प्रशिक्षित किया गया। जन शिक्षा केंद्र शाउमावि मार्तंड तीन में शनिवार को आयोजित प्रशिक्षण कार्यक्रम में जन शिक्षक अर्जुन तिवारी व चेतना पांडेय ने शिक्षकों को विस्तृत रूप से बताया कि उन्हें अध्यापन के दौरान छात्रों को होने वाली समस्याओं का किस तरह से निदान करना है। प्रशिक्षण में शिक्षकों को पढ़ाने की कला भी बताई गई।