मानदेय में बढ़ोत्तरी की कवायद...
रीवा। मानदेय में बढ़ोत्तरी को लेकर दबाव बनाए जाने के बाद अवधेश प्रताप सिंह विश्वविद्यालय प्रशासन ने कई पाठ्यक्रमों को बंद करने की योजना बना रहा है। कार्यपरिषद की बैठक के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने इसको लेकर कवायद शुरू कर दी है।
मांगी कई पाठ्यक्रमों में छात्रसंख्या की जानकारी
विश्वविद्यालय में उन पाठ्यक्रमों को चिह्नित किया जा रहा है, जिनमें विगत वर्षों में कम प्रवेश हुए हैं और वर्तमान शैक्षणिक सत्र में भी प्रवेश संख्या बढऩे की संभावना नहीं के बराबर है। अधिकारियों ने सभी स्ववित्तीय पाठ्यक्रमों में पंजीकृत छात्रों की संख्या संबंधित विभागों से तलब की है।
कार्यपरिषद के निर्णय पर अभी शुरू हुआ अमल
विश्वविद्यालय में १६ जुलाई को हुए कार्यपरिषद में कम छात्रसंख्या वाले पाठ्यक्रमों को बंद करने का मुद्दा भी उठा था लेकिन परिषद सदस्यों ने इसके लिए प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने तक का इंतजार करने की बात कही थी लेकिन विश्वविद्यालय अधिकारी प्रवेश संख्या कम होने की संभावना के मद्देनजर अभी कसरत में जुट गए हैं। प्रवेश प्रक्रिया पूरी होने के बाद बंद होने वाले पाठ्यक्रमों के नाम फाइनल कर लिए जाएंगे।
मानदेय में बढ़ोत्तरी की योजना का हिस्सा
पाठ्यक्रमों को बंद करने का निर्णय अतिथि विद्वानों के मानदेय में बढ़ोत्तरी किए जाने की योजना का हिस्सा माना जा रहा है। सूत्रों की माने तो विश्वविद्यालय ने मानदेय में बढ़ोत्तरी का मन बना लिया है। वैसे तो योजना यह रही है कि स्ववित्तीय पाठ्यक्रमों के सभी विभागों की आय एकत्र कर मानदेय का भुगतान किया जाएगा।
अधिकारियों को टेढ़ीखीर जान पड़ रही कवायद
लेकिन विश्वविद्यालय अधिकारियों को यह टेढ़ीखीर जान पड़ रही है। यही वजह है कि कम आय वाले पाठ्यक्रमों को बंद करने की योजना बनाई जा रही है। दरअसल अधिकारी इस बात को लेकर सशंकित हैं कि उन पाठ्यक्रमों के प्रोफेसर इंचार्ज होने वाले आय को दूसरे पाठ्यक्रमों के बावत शेयर करने को तैयार होंगे भी या नहीं। इसके लिए उन दबाव भी नहीं बनाया जा सकता है।