
Union Budget 2025-26: मध्य प्रदेश में 1 फरवरी को केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश किए गए केंद्रीय बजट 2025-26 को लेकर विरोध शुरू हो गया है। रीवा में संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने केंद्रीय बजट 2025-26 की प्रतियों को आग हवाले कर अपना विरोध दर्ज किया है। मोर्चा ने बजट को किसानों श्रमिकों और मेहनतकश लोगों पर एक बड़ा हमला बताया है। उन्होंने आरोप लगाया कि यह बजट किसान, मजदूर और गरीब विरोधी होने के साथ कॉर्पोरेट समर्थक बजट है।
बता दें कि, संयुक्त किसान मोर्चा ने देशभर में बजट की प्रतियां जलाकर कड़ा विरोध करने का ऐलान किया था। मोर्चा के संयोजक शिव सिंह ने बताया कि 'संयुक्त किसान मोर्चा ने रीवा के अग्रसेन चौक में प्रतियां जलाकर कड़ा विरोध दर्ज कराया है।' उन्होंने आगे कहा कि 'जब भारतीय अर्थव्यवस्था कृषि उद्योग और सेवाओं सहित सभी क्षेत्रों पर कॉर्पोरेट आधिपत्य के खतरे के संदर्भ में गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है।'
शिव सिंह आगे कहा कि 'केंद्रीय बजट 2025 26 में बीमा क्षेत्र में 100 फ़ीसदी निजीकरण के ठोस प्रस्ताव सहित बढ़ते विनियमन और उदारीकरण का प्रस्ताव खतरनाक हैं। बजट में सभी फसलों के लिए गारंटीकृत एमएसपी की लंबित मांग की क्रूरतापूर्वक उपेक्षा की गई है।'
शिव सिंह ने कहा कि 'कॉर्पोरेट मुनाफे में अनियंत्रित वृद्धि हो रही है। बजट कॉर्पोरेट कंपनियों के भारी मुनाफे का एक उचित हिस्सा प्राथमिक उत्पादकों किसानों और खेत मजदूरों तक पहुंचाने के लिए लाभकारी मूल्य के आधार पर खरीद के लिए कानूनी रूप से गारंटीकृत बाजार तंत्र निर्धारित करने के लिए तैयार नहीं है।'
संयुक्त किसान मोर्चा के संयोजक ने कहा कि 'बजट में किसानों और खेत मजदूरों के लिए कर्ज माफी के लिए कोई व्यापक योजना नहीं है, जब कि संसदीय समिति ने इसकी सिफारिश कर चुकी है।' उन्होंने कहा कि 'कर्ज के कारण भारत में प्रतिदिन 31 किसान आत्महत्या कर रहे हैं और प्रधानमंत्री चुप हैं। इसी तरह प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में भारी कटौती की गई है।' उन्होंने दावा किया कि वर्तमान में मनरेगा के तहत दिए जाने वाले औसत कार्य दिवस मात्र 45 दिन हैं, जबकि वादा 100 दिन का था।'