कभी हो सकता है बड़ा हादसा, टोल वसूल रही कंपनी की अनेदखी
रीवा। रतहरा से सिलपरा रिंग रोड सुरक्षित नहीं रहा गया है। इस मार्ग में पहले अनाधिकृत मार्ग जोड़े दिए जो हादसे का करण बन रहे हैं, अब सड़क किनारे रेत का अवैध कारोबार जोरों पर चल रहा है। जिम्मेदार सबकुछ जानते हुए भी बेखबर हैं।
एमपीआरडीसी ने रतहरा से सिलपरा तक रिंग रोड का निर्माण अग्रोह रोड प्रायवेट लिमिटेड को दिया था। ९ किलोमीटर के इस रिंग रोड में रतहरा से टोल प्लाजा तक सड़क किनारे जगह-जगह रेत रखकर अवैध करोबार चल रहा है। सड़क पर रेत से भरे ट्रक दिन-रात खड़े रहते हैं वहीं कुछ कारोबारियों ने सड़क पर ही रेत का अवैध भंडारण करा दिया है। इसके कारण टोल से रतहरा तक सड़क पर रेत की मोटी परत बिछ गई। यह भी बड़े हादसे का कारण बन सकता है। रेत से दोपहिया वाहन चालक गिरकर आए दिन घायल हो रहे हैं।
टोल कंपनी की है जिम्मेदारी
बताया जा रहा कि निर्माण के बाद रोड के मेंटीनेंस की जिम्मेदारी टोल वसूल रही कंपनी की है। लेकिन सड़क से अनाधिकृत मार्गों और रेत के अवैध भंडारण को रोकने के लिए कंपनी कोई कदम नहीं उठा रही है। बताया जा रहा कि कंपनी के सभी उच्च अधिकारी इंदौर ऑफिस में रहते हैं यहां सिर्फ वसूली के लिए कर्मचारी तैनात हैं।
9 किलोमीटर सड़क 23 अधिक अनाधिकृत मार्ग
रतहरा से सिलपरा तक 9 किलोमीटर 23 से अधिक अनाधिकृत मार्ग बन चुके है। रिंग रोड बनने के बाद सड़क के दोनों तरफ व्यापक स्तर में अवैध कालोनियों का निर्माण किया जा रहा है। इन कालोनियों का रास्ता अवैध रप से रिंग रोड में जोड़ा गया। इन संबंध में किसी ने भी एमपीआरडीसी से अनुमति नहीं ली है। यह सब जानते हुए जिम्मेदार मौन है।
हादसों से नहीं ली सीख
रिंग रोड सड़क में अनाधिकृत मार्ग में कई बार सड़क हादसों में लोगों ने जान गवाई है।इसके बावजूद भी इन अनाधिकृत मार्गो को बंद करने के लिए प्रशासन व जिम्मेदार विभाग ने कोई कदम नहीं उठाया है।