20 अप्रैल 2026,

सोमवार

Patrika Logo
Switch to English
home_icon

मेरी खबर

video_icon

शॉर्ट्स

epaper_icon

ई-पेपर

हार के कारण जान हैरान कांग्रेस राष्ट्रीय सचिव

टिकट बंटवारे का अंसतोष बनता है हार की वजह

2 min read
Google source verification

रीवा

image

Lok Mani Shukla

May 28, 2018

Due to the defeat, the Congress is surprised at the National Secretary

Due to the defeat, the Congress is surprised at the National Secretary

रीवा। विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव व प्रदेश सह प्रभारी सुधांशु त्रिपाठी रीवा पहुंचे। उन्होंने राजनिवास से सभी आठ विधानसभा सीटों के लिए दावेदारों और कार्यकर्ताओं से चर्चा की। इस दौरान कांग्रेस नेताओं ने समर्थकों से साथ चुनाव के लिए दावेदारी प्रस्तुत की। कार्यकर्ताओं ने बताया कि लगातार नेताओं और पार्टियों की उपेक्षा के कारण कार्यकर्ता दूर हो गया है। टिकट बंटवारे के दौरान असंतोष, जातिगत समीकरण और गुटीय राजनीति हार के कारण बनते हैं। कार्यकताओं और पदाधिकारियों से चर्चा के बाद राष्ट्रीय सचिव ने कहा कि रिपोर्ट राष्ट्रीय अध्यक्ष को देंगे। रायशुमारी के दौरान सुबह से दोपहर तक पूरे समय राजनिवास में नेताओं का जमघट लगा रहा। रायशुमारी के बाद वह शाम को वह लौट गए। इस दौरान जिला अध्यक्ष बिंद्रा प्रसाद, शहर अध्यक्ष गुरमीत सिंह मंगू, राजेन्द्र शर्मा, अभय मिश्रा, अजय मिश्रा, रज्जी जान, विमलेंद्र तिवारी, विवेक तिवारी, राकेश तिवारी, चक्रधर सिंह, प्रदेश प्रवक्ता बृजेश पांडेय, जिला प्रवक्ता असफाक अहमद, मनोज अग्रवाल, अकरम खान व वसीम राजा सहित अन्य उपस्थित रहे।
चार साल में मोदी सरकार की कोई उपलब्धि नहीं

कांग्रेस ने मनाया विश्वासघात दिवस
भाजपा की मोदी सरकार द्वार चार साल पूर्ण होने पर कांग्रेस ने इसे विश्वासघात दिवस के रूप में मनाया। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता बृजेश पांडेय एवं ग्रामीण जिला अध्यक्ष वृदां प्रसाद ने बताया कि पिछले चार साल में मोदी सरकार के पास बताने के लिए कोई उपलब्धि नहीं है। हर मोर्चे पर भाजपा सरकार विफल रही है। जो वादे जनता से कर भाजपा सत्ता में आई थी, उन्हें पूरा नहीं कर सकी है। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में किसानों से 14हजार करोड़ का प्रीमियम बीमा कंपनी ने लिया है लेकिन फसल का नुकसान होने पर सिर्फ 6 हजार करोड़ मुआवजा दिया है। वहीं भाजपा सरकार में कृषि विकास दर ४.२ फीसदी सेे गिर कर 1.7 हो गई। वहीं दो करोड़ सलाना रोजगार का दावा करने वाली सरकार आठ लाख नौकरियां चार साल में नहीं दे पाई है। नोटबंदी व जीएसटी के कारण १५ लाख नौकरियां समाप्त हो गई है। राष्ट्रीय सुरक्षा मुद्दे पर 56इंच का सीना पीटने वाले मोदी सरकार में ३७१ जवान शहीद हो गए। इस दौरान प्रवक्ता अस्फाक खान उपस्थित रहे।