40 फीसदी बीज भी मुहैया होने की संभावना नहीं...
रीवा। खरीफ की बोवनी के लिए बीज की व्यवस्था इस बार किसानों को खुद करना होगा, क्योंकि कृषि विभाग सहित अन्य संस्थाएं किसानों को बीज मुहैया कराने की स्थिति में नहीं दिख रही हैं। विभाग व संस्थाओं की तैयारी को देखते हुए लग रहा कि किसान बीज के रूप में या तो घर में रखे अनाज का प्रयोग करेंगे या फिर या फिर बाजार से बीज खरीदने को मजबूर होंगे।
25 फीसदी तक बीज करा सकेंगे मुहैया
कृषि विभाग की ओर से 40 फीसदी बीज खुद के साथ सहकारी समितियों व बीज संस्थाओं के माध्यम से किसानों को उपलब्ध कराने की योजना बनाई गई है लेकिन वर्तमान में जारी ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की हड़ताल और समितियों की अब तक चल रही कागजी खानापूर्ति के मद्देनजर यह संभव नहीं पड़ रहा है। कृषि विभाग, सहकारी समितियों व बीज संस्थाओं से अधिकतम 20 से 25 फीसदी बीज मुहैया करा पाना संभव हो सकेगा।
लक्ष्य पूरा कर पाने की स्थिति में नहीं
कृषि विभाग ने खरीफ की बोवनी के लिए 37194 क्विंटल बीज की आवश्यकता का अनुमान लगाया है। इसमें से 22921 क्विंटल यानी 60 फीसदी बीज विक्रेताओं को और किसानों की ओर से खुद की व्यवस्था के जिम्मे है। बाकी 40 फीसदी बीज की व्यवस्था का लक्ष्य पूरा करना कृषि विभाग, सहकारी समिति, बीज निगम व नेशनल सीट कॉर्पोरेशन के जिम्मे है।
डीडीए कार्यालय में डंप है बीज
कृषि विभाग की ओर धान व सोयाबीन का करीब 400 क्विंटल बीज मंगा लिया गया है। लेकिन ज्यादातर बीज विभाग के उप संचालक कार्यालय में ही डंप होकर रह गया है। ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारियों की हड़ताल को देखते हुए विभाग के अधिकारी बीज को विकासखंड कार्यालयों में नहीं भेज पा रहे हैं। क्योंकि आरएइओ की हड़ताल के चलते वहां बीज का वितरण नहीं हो पा रहा है।
बीज व्यवस्था का निर्धारित लक्ष्य
37194 क्विंटल बीज का लक्ष्य आवश्यकता के मद्देनजर
4265 क्विंटल बीज की व्यवस्था बीज निगम के जिम्मे
4936 क्विंटल बीज की व्यवस्था सहकारी समिति के जिम्मे
4317 क्विंटल बीज की व्यवस्था एनएससी के जिम्मे
755 क्विंटल बीज की व्यवस्था कृषि विभाग के जिम्मे
17665 क्विंटल बीज की व्यवस्था व्यापारियों के जिम्मे
5256 क्विंटल बीज की व्यवस्था किसान खुद करेंगे