दृष्टिबाधितों का दर्द...
रीवा। सामाजिक न्याय विभाग की ओर से प्रति छात्र हर माह एक हजार रुपए दिया जाता है, लेकिन छात्र हैं कि अच्छे भोजन को तरस रहे हैं। बात यमुना प्रसाद शास्त्री नेत्रहीन विद्यालय के बच्चों की कर रहे हैं। विद्यालय से लेकर छात्रावास तक की अव्यवस्थाओं से छात्रों में भारी रोष है।
हर महीने छात्रों के लिए मिलती है सवा लाख रुपए से अधिक धनराशि
नेत्रहीन विद्यालय में आवासीय सुविधा के मद्देनजर सामाजिक न्याय विभाग से पंजीकृत १३३ छात्रों के लिए 1.33 लाख रुपए हर माह प्राप्त होते हैं। विभाग की ओर से यह राशि उनके भोजन व्यवस्था के लिए होती है, लेकिन विद्यालय प्रशासन है कि छात्रों के इसी बजट में सारी व्यवस्थाएं दुरुस्त करने की कोशिश में लगा है। नतीजा छात्रावास में रहने वाले छात्रों के लिए भोजन के मद का बजट कम हो जाता है।
दूसरे मदों में खर्च हो रहा छात्रों के भोजन के लिए मिलने वाला बजट
प्राचार्य के मुताबिक, बिजली व साफ-सफाई सहित अन्य व्यवस्थाओं में खर्च से बचे अल्प बजट में छात्रों को विशेष और गुणवत्तापूर्ण भोजन दे पाना मुमकिन नहीं हो रहा है। विद्यालय प्राचार्य की दलील है कि विद्यालय के पास कोई दूसरा बजट नहीं है। इसलिए सारी व्यवस्थाएं हर महीने प्रति छात्र मिलने वाले एक हजार रुपए से ही की जा रही है।
छात्रों ने जाहिर किया आक्रोश
छात्रावास में भोजन की उचित व्यवस्था नहीं होने और नियमित कक्षा संचालित नहीं होने से आक्रोशित छात्रों ने बुधवार को अपना आक्रोश जाहिर किया। छात्रों ने प्राचार्य से मांग की है कि उन्हें छात्रावास में उनके लिए भोजन की उचित व्यवस्था की जाएगी। सुबह नाश्ते में केवल चाय के बदले उसके साथ कुछ खाने को दिया जाए। साथ ही सप्ताह में एक दिन विशेष भोजन की व्यवस्था की जाए। कक्षाएं भी नियमित रूप से चलाई जाएं नहीं तो वह बीच में ही पढ़ाई छोडऩे को मजबूर होंगे।